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CBI करेगी UPPSC के कई कर्मचारियों से पूछताछ

Sat, 24 Feb 2018 09:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, इलाहाबाद कार्यालय
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सीबीआई की टीम उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सभी कंप्यूटरों से महत्वपूर्ण डाटा प्राप्त कर चुकी है। टीम अब दिल्ली लौट गई है लेकिन सूत्रों का कहना है कि 10 से 15 दिनों के भीतर सीबीआई टीम फिर इलाहाबाद लौटेगी। 
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सूत्रों के मुताबिक उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के कंप्यूटरों से मिले डाटा का सीबीआई ने विश्लेषण शुरू कर दिया है। इसके साथ ही आयोग से जो दस्तावेज जब्त किए गए हैं, उनका और कंप्यूटर से प्राप्त संदिग्ध डाटा का मिलान भी शुरू कर दिया गया है। 

माना जा रहा है कि इस मिलान के दौरान कई विसंगतियां सामने आ सकती हैं और उन्हीं के आधार पर सीबीआई की टीम अपनी जांच को आगे बढ़ाएगी। 

सीबीआई ने आयोग के कुछ कर्मचारियों को भी चिह्नित किया है, जो पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव के कार्यकाल में ज्यादा सक्रिय थे और इसकी शिकायतें भी सबसे अधिक आई हैं। 
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सीबीआई की टीम अब उन कर्मचारियों से पूछताछ की तैयारी में है। सीबीआई की इस कार्रवाई से उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में खलबली मची हुई है।
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एक अंक से चयन से वंचित रह गईं अंकिता 

एक अंक से चयन से वंचित रह गईं अंकिता 

सीबीआई के गोविंदपुर स्थित कैंप कार्यालय में शनिवार को भी शिकायतकर्ताओं की लाइन लगी रही। उन्होंने सीबीआई अफसरों को अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी से संबंधित साक्ष्य भी दिए। अभ्यर्थियों की ओर से उपलब्ध साक्ष्य दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय भेजे जा रहे हैं। 

लोअर सबआर्डिनेट 2008 पर अनूप सिंह ने सीबीआई टीम को शनिवार सुबह बड़े साक्ष्य सौंपे। उनका भूगोल और समाजशास्त्र विषय था। साक्ष्य में उन्होंने सिद्ध किया है कि भूगोल में सभी सफल अभ्यर्थियों के अंक बढ़ाए गए जबकि उनके 12 अंक कम कर दिए गए। उन्होंने इंटरव्यू में भी 20 अंक घटाने का आरोप लगाया है। 

समीक्षा अधिकारी 2014 में एक अंक से चयन से वंचित बागपत की अंकिता पांडेय शनिवार को सीबीआई कार्यालय में शिकायत करने पहुंची। यहां सीबीआई के एसपी के न मिलने पर अंकिता ने अब दिल्ली जाकर अफसरों को साक्ष्य देने का निर्णय लिया है। 

अंकिता ने बताया कि उन्हें सामान्य अध्ययन में किए गए प्रश्नों से 20 अंक कम मिले। लोक सेवा आयोग से आरटीआई के जरिए ओएमआर शीट दिखाने को कहा गया तो वहां से इंकार कर दिया गया। कृषि सहायक वर्ग से दिव्यांग अभ्यर्थी बस्ती के मनोज प्रजापति सीबीआई को साक्ष्य देने पहुंचे थे। 
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