पिछले दो दिनों की हिंसा के बाद मणिपुर में सेना और असम राइफल्स को तैनात करने के बाद शुक्रवार को छिटपुट घटनाओं के छोड़ दें तो स्थिति नियंत्रण में है। हालात से निपटने के लिए सेना की 100 टुकड़ियों को तैनात किया गया है। सेना ने शुक्रवार को कई जिलों में फ्लैग मार्च किया। इस बीच, सेना ने 13 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर सेना के विभिन्न कैंपों में रखा है।
सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि मणिपुर में हालात बिगड़ने के बाद बुधवार रात और गुरुवार को सेना और असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया था। सुरक्षा बलों द्वारा त्वरित कार्रवाई के चलते हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों से सभी समुदाय के लोगों को सुरक्षित निकाला गया। सेना की तैनाती के बाद चुराचांदपुर, केपीआई, मोरेह और काकिंग में स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और गुरुवार रात से किसी बड़ी घटना की सूचना नहीं है।
पिछले 12 घंटों में, इंफाल पूर्व और पश्चिम जिलों में आगजनी की छिटपुट घटनाएं और विरोधी तत्वों द्वारा नाकाबंदी करने की कोशिश को नाकाम कर दिया गया। मणिपुर में अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात किया गया है। पिछले लगभग 48 घंटों में, सेना असम राइफल्स, वायु सेना और प्रशासन के साथ मिलकर मणिपुर में कानून व्यवस्था बहाल करने में जुटी है। सेना लगातार फ्लैग मार्च, बचाव अभियान, स्थानीय लोगों के साथ बातचीत और लोगों की सुरक्षा आश्वस्त कर रही है।
उन्होंने बताया कि करीब 13000 नागरिकों को बचाया गया है। बचाए गए लोगों को सेना ने विभिन्न आर्मी कैंप में रखा है। जल्द से जल्द कानून और व्यवस्था बहाल करने के लिए 100 से अधिक टुकड़ियों की तैनाती की गई है। सेना ने लोगों से शांति बनाए रखने और सभी समुदायों से हिंसा का रास्ता छोड़ने की अपील की है।
गृह मंत्री अमित शाह ने मणिपुर की स्थिति की समीक्षा की
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और शीर्ष अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री, राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक, केंद्रीय गृह सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए। सूत्रों ने बताया कि अमित शाह मणिपुर में स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। वे राज्य और केंद्र सरकारों के शीर्ष अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं।