मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में चिंगफेई बंकर नंबर एक पर ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस उप-निरीक्षक की बुधवार दोपहर गोली मारकर हत्या कर दी गई। अधिकारियों ने बताया कि पुलिसकर्मी की पहचान ओंखोमांग के रूप में हुई है, जिसे दोपहर एक बजे से 1.30 बजे के बीच एक स्नाइपर ने सिर में गोली मार दी थी।
अधिकारियों ने बताया कि घटना में दो अन्य लोगों को भी गोली लगी है, जिनकी जानकारी अभी जुटाई जा रही है। हमला मंगलवार सुबह कांगपोकपी जिले में अज्ञात लोगों द्वारा तीन आदिवासियों की गोली मारकर हत्या किए जाने के एक दिन बाद हुआ। इससे पहले आठ सितंबर को टेंगनौपाल जिले के पल्लेल में तीन अन्य लोग मारे गए और 50 से अधिक घायल हो गए थे।
इस बीच पश्चिमी इंफाल जिले में कांगपोकपी की सीमा के पास अज्ञात बंदूकधारियों ने लोगों पर हमला कर दिया। अधिकारियों की जानकारी के अनुसार इस हमले में बम भी फेंके गए। अंदाजा लगाया जा रहा है कि हमला करने वाले प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के सदस्य थे।
कौतरुक गांव में उग्रवादियों ने कम से कम 10 बम फेंके। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली। बम की वजह से गांव में अफरा-तफरी मच गई थी। इलाके में मौजूद भारतीय रिजर्व बटालियन के जवानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोलीबारी की।
मंगलवार की सुबह कांगपोकपी के खारम वाईफेई जिले के पास अज्ञात बंदूकधारियों ने आदिवासी समुदाय के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसी हफ्ते कौतरुक में गोलीबारी के दौरान एक 14 वर्षीय लड़की को गोली लगी थी। मणिपुर में तीन मई से जारी हिंसा में अबतक 150 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
मणिपुर के 18 विधायक प्रधानमंत्री व गृह मंत्री से मिलने दिल्ली पहुंचे
हिंसाग्रस्त मणिपुर की सत्तारूढ़ भाजपा नीत सरकार के दो कैबिनेट मंत्रियों के नेतृत्व में करीब 18 विधायक बुधवार को प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री से मिलने के लिए दिल्ली पहुंचे। वे प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से राज्य में शांति बहाली के लिए समाधान निकालने का आग्रह करेंगे। मणिपुर के शिक्षा मंत्री टी बसंत कुमार और समाज कल्याण मंत्री एच डिंगो इस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।