मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके।
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पिछले तीन महीने से मणिपुर में जातीय संघर्ष और हिंसा के कारण राष्ट्रपति शासन लगाने की विपक्ष की मांग के बीच राज्य मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को सिफारिश की कि राज्यपाल अनुसुइया उइके 21 अगस्त को विधानसभा का सत्र बुलाएं। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर राज्य हिंसा की चपेट में है, जिसमें अब तक 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।
शुक्रवार को जारी एक अधिसूचना में कहा गया, राज्य कैबिनेट ने 21 अगस्त 2023 को 12वीं मणिपुर विधानसभा का चौथा सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल को सिफारिश की है। मणिपुर में मौजूदा स्थिति के कारण मौजूदा मानसून सत्र में संसद के दोनों सदनों में हंगामे की स्थिति बनी हुई है। विपक्षी सदस्यों ने वायरल वीडियो पर चर्चा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान की मांग करते हुए कार्यवाही बाधित कर रखा है।
मणिपुर की स्थिति पर चर्चा के लिए दोनों सदनों में सभी सूचीबद्ध कार्यों को निलंबित करने की अपनी मांग पर अड़े विपक्षी सदस्यों ने नारे लगाए और कार्यवाही बाधित की, जिसके परिणामस्वरूप बार-बार स्थगन हुआ।
विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A के एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में दो दिनों के लिए मणिपुर का दौरा किया था, जिसके दौरान उन्होंने राहत शिविरों में विस्थापित स्थानीय लोगों और राज्यपाल उइके से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को दो दिवसीय यात्रा के अपने अनुभवों से अवगत कराया था और मणिपुर की स्थिति पर एक ज्ञापन भी सौंपा था।
बाद में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में विपक्षी प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति मुर्मू से मणिपुर में शांति बहाल करने के हित में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।