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Manipur Violence: मैतेई समुदाय को ST का दर्जा देने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, जिसको लेकर हुआ बवाल

Sun, 07 May 2023 03:57 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

मणिपुर विधानसभा की पहाड़ी क्षेत्र समिति (एचएसी) के अध्यक्ष डिंगांगलुंग गंगमेई द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि मैतेई समुदाय एक जनजाति नहीं है और इसे कभी भी इस तरह से मान्यता नहीं दी गई है।
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Manipur violence (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी के विधायक द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है जिसमें मैतेई समुदाय के लिए अनुसूचित जनजाति के दर्जे के संबंध में मणिपुर उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई है। 
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मणिपुर विधानसभा की पहाड़ी क्षेत्र समिति (एचएसी) के अध्यक्ष डिंगांगलुंग गंगमेई द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि मैतेई समुदाय एक जनजाति नहीं है और इसे कभी भी इस तरह से मान्यता नहीं दी गई है। याचिका में कहा गया है कि अनुसूचित जनजाति सूची के लिए एक जनजाति की सिफारिश करने के लिए राज्य सरकार को निर्देश देने वाला आदेश पूरी तरह से राज्य के अधिकार क्षेत्र में आता है, न कि उच्च न्यायालय के।

27 मार्च को उच्च न्यायालय ने राज्य को अनुसूचित जनजातियों की सूची में मैतेई समुदाय को शामिल करने पर विचार करने का निर्देश दिया। उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ दायर अपील में कहा गया है कि आदेश पूरी तरह से अवैध है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। अपील में कहा गया है कि यह एक राजनीतिक समस्या थी जिसमें उच्च न्यायालय की कोई भूमिका नहीं थी और राजनीतिक विवादों को राजनीतिक रूप से हल किया जाना था। अपील में हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की भी मांग की गई है।
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प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई
मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी में शामिल करने की मांग के विरोध में छात्रों के संगठन ‘ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर’ (एटीएसयूएम) ने मार्च बुलाया था। ‘आदिवासी एकता मार्च’ के नाम से हो रहे प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई। आदिवासियों और बहुसंख्यक मैतेई समुदाय के सदस्यों के बीच हिंसक झड़पों के बाद 3 मई को कर्फ्यू लगा दिया गया था, जिसमें अब तक हजारों लोग विस्थापित हुए हैं और कम से कम 54 लोग मारे गए हैं। मैतेई मणिपुर की आबादी का लगभग 53 प्रतिशत हैं और ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं। जनजातीय नागा और कुकी व अन्य 40 प्रतिशत आबादी का गठन करते हैं और ज्यादातर पहाड़ी जिलों में रहते हैं।

सीएम ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में शांति समिति की घोषणा की
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शनिवार को कहा कि जमीनी स्तर पर शांति पहलों को लागू करने को सुनिश्चित करने के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में शांति समितियों का गठन किया जाएगा। सीएम ने हिंसा प्रभावित राज्य में मौजूदा स्थिति पर सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि मणिपुर में मौजूदा स्थिति पर चर्चा करने और राज्य में शांति और स्थिरता लाने के लिए सामूहिक रूप से काम करने के लिए एक सर्व-राजनीतिक दल की बैठक की। आगे सीएम ने कहा कि बैठक के दौरान, राज्य में शांति की अपील करने और सभी नागरिकों को ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने के लिए प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया गया, जिससे हिंसा या अस्थिरता बढ़ सकती है।
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