फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Manipur: मणिपुर में दो गुटों के बीच गोलीबारी, एक की मौत; असम राइफल्स ने राजनेता के खिलाफ मानहानि का केस किया

Tue, 29 Aug 2023 05:03 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

मणिपुर में बिष्णुपुर जिले के नारायणसेना में मंगलवार सुबह दो समूहों के बीच भारी गोलीबारी हुई। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि राहत शिविर में रह रहा एक ग्राम रक्षा स्वयंसेवक अचानक बम फटने से मारा गया।
विज्ञापन
मणिपुर हिंसा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मणिपुर में बिष्णुपुर जिले के नारायणसेना में मंगलवार सुबह दो समूहों के बीच भारी गोलीबारी हुई। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। अधिकारियों ने बताया कि राहत शिविर में रह रहा एक ग्राम रक्षा स्वयंसेवक अचानक बम फटने से मारा गया। एक अन्य व्यक्ति के कंधे पर गोली लगी है। उसे इंफाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
विज्ञापन


दूसरी ओर, असम राइफल्स ने संगठन की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल को हतोत्साहित करने के लिए मणिपुर के एक राजनेता को कानूनी नोटिस भेजा है। शिलॉन्ग के एक वकील की ओर से रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई-अठावले) के राष्ट्रीय सचिव महेश्वर थौनाओजम को 18 अगस्त को नोटिस भेजा गया था।

नोटिस में क्या कहा गया?
नोटिस में कहा गया है कि देश का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल देश की सेवा कर रहा है और मणिपुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा और विकास सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह बताना भी जरूरी है कि यद्यपि मणिपुर राज्य सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) के तहत एक अधिसूचित क्षेत्र नहीं है और सक्षम मजिस्ट्रेट ने सशस्त्र बलों को वहां तैनात करने के लिए विशेष रूप से तीन मई और पांच मई को आदेश जारी किए थे। 
विज्ञापन


थौनाओजम ने माफी मांगने से किया इनकार
मामले में थौनाओजम ने कहा कि वह माफी नहीं मांगेंगे। वह भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में अभिव्यक्ति की आजादी के हकदार हैं। मैंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया। मैंने एक सवाल पूछा था। मैंने एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक मैतेई के रूप में बात की थी। यहां हर मैतेई जानता है कि असम राइफल्स के कुछ अधिकारी कुकी की मदद कर रहे हैं। इसे साबित करने के लिए वीडियो है।

असम राइफल्स ने आरोपों को झूठा करार दिया
असम राइफल्स ने ऐसे झूठे आरोप और मानहानि के लिए लिखित और सार्वजनिक माफी मांगी और उनसे 30 जून को दिल्ली में मैतेई शहीदों के शोक कार्यक्रम में दिए गए बयान को वापस लेने के लिए कहा।

चार उग्रवादियों को भी गिरफ्तार किया गया
इस बीच पुलिस ने मंगलवार को बताया कि अलग-अलग अभियानों में अलग-अलग संगठनों के चार उग्रवादियों को भी गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से हथियार और गोला-बारूद जब्त किए गए। तलाशी अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने इंफाल पूर्व और बिष्णुपुर जिलों से एनएससीएन (आईएम) और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के एक-एक उग्रवादी और कांगलेइपक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी) (लामयांबा खुमान गुट) के दो ओवरग्राउंड कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। ऑपरेशन के दौरान छह आग्नेयास्त्र, पांच कारतूस और दो विस्फोटक भी जब्त किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें