मणिपुर सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा कुछ हिंसा प्रभावित इलाकों में एफएसपीए लागू करने के निर्णय की समीक्षा कर उसे हटाने की मांग की है। 14 नवंबर को केंद्र द्वारा लागू किए गए एफएसपीए के इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की सिफारिश की है।
मणिपुर में हिंसा के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कुछ राज्यों में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (AFSPA) लागू किया गया था। जिसको लेकर मणिपुर सरकार ने केंद्र से अनुरोध किया है कि राज्य के छह पुलिस थाना क्षेत्रों से सशस्त्र बल (विशेष शक्तियां) अधिनियम (AFSPA) की समीक्षा की जाए और उसे वापस लिया जाए।
विज्ञापन
बता दें कि इस मामले में राज्य सरकार ने तर्क दिया है कि 15 नवंबर को हुई मंत्रिमंडल बैठक में यह फैसला लिया गया कि AFSPA को लागू करने पर पुनर्विचार किया जाए।
14 नवंबर को किया था लागू
केंद्र ने 14 नवंबर को मणिपुर के कुछ हिंसा प्रभावित क्षेत्र जैसे कि इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, बिष्णुपुर, कांगपोकपी और जिरीबाम जिले शामिल हैं इनमे में AFSPA फिर से लागू किया था। अब राज्य सरकार ने इसे जनहित में हटाने की सिफारिश की है। जिसको लेकर गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने केंद्र को लिखे पत्र में बताया कि मणिपुर सरकार ने 15 नवंबर को अपनी बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की और केंद्र से AFSPA को फिर से लागू करने की समीक्षा करने का निर्णय लिया।
विज्ञापन
राहुल गांधी ने की पीएम मोदी से अपील
बढ़ते हिंसा के स्वरुप को देखते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर पोस्ट कर अपना दुख जताया हैं। उन्होंने कहा कि मणिपुर में हाल ही में हुई हिंसक झड़पों और लगातार हो रहे रक्तपात ने गहरी चिंता पैदा कर दी है। उन्होंने कहा कि एक साल से अधिक समय तक विभाजन और पीड़ा के बाद, हर भारतीय की यह आशा थी कि केंद्र और राज्य सरकारें सुलह के लिए हर संभव प्रयास करेंगी और कोई समाधान निकालेंगी। मैं प्रधानमंत्री से एक बार फिर मणिपुर आने और क्षेत्र में शांति और सुधार की दिशा में काम करने का आग्रह करता हूं।