फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मणिपुर में 24,475 अवैध प्रवासियों की पहचान: पूर्व सीएम बीरेन सिंह ने मांगा बायोमीट्रिक डाटा; क्या है मामला?

Tue, 03 Nov 2026 11:10 AM IST
राकेश कुमार पीटीआई, इंफाल।

सार

मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने राज्य के गृह विभाग से अवैध प्रवासियों के बायोमीट्रिक पंजीकरण की ताजा जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने मिजोरम सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि मणिपुर में भी इस प्रक्रिया से जुड़े आंकड़े नियमित रूप से साझा किए जाने चाहिए। अगस्त में गृह मंत्री ने विधानसभा में बताया था कि म्यांमार के 24,475 अवैध प्रवासियों की पहचान की गई है। 
विज्ञापन
एन बीरेन सिंह, पूर्व सीएम, मणिपुर - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने राज्य सरकार से अवैध प्रवासियों के बायोमीट्रिक पंजीकरण की ताजा जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है। उनका कहना है कि राज्य के गृह विभाग को नियमित रूप से यह बताना चाहिए कि अब तक कितने अवैध प्रवासियों का बायोमीट्रिक डाटा जुटाया गया है और कितने लोगों की पहचान व सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
विज्ञापन


मंगलवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह मुद्दा राजनीति से जुड़ा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमाओं की रक्षा और राज्य के लोगों के भविष्य को सुरक्षित रखने से संबंधित है।

मिजोरम सरकार का जिक्र क्यों किया?
बीरेन सिंह की यह मांग मिजोरम सरकार की ओर से म्यांमार के शरणार्थियों के बायोमीट्रिक पंजीकरण को लेकर दी गई जानकारी के एक दिन बाद आई है। मिजोरम सरकार ने कथित तौर पर बताया था कि राज्य में शरण लिए म्यांमार के शरणार्थियों का बायोमीट्रिक पंजीकरण अंतिम चरण में पहुंच गया है। इसका जिक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने मिजोरम सरकार की निगरानी व्यवस्था का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासियों की आवाजाही पर नजर रखना और राज्य के हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाना महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन


बीरेन सिंह ने और क्या-क्या कहा?
बीरेन सिंह ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा, 'यह राजनीति का मामला नहीं है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा, हमारी सीमाओं की रक्षा और अपने लोगों के भविष्य को सुरक्षित रखने से जुड़ा है। मिजोरम सरकार ने अवैध प्रवासियों के प्रवेश पर करीब से नजर रखकर और राज्य के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाकर सतर्कता का महत्व दिखाया है।' उन्होंने आगे कहा कि मणिपुर के गृह विभाग को भी बायोमीट्रिक डाटा से जुड़ी अद्यतन जानकारी नियमित रूप से जनता के साथ साझा करनी चाहिए।

यह भी पढ़ें: भारतीय जहाज पर हमले में गई गुजरात के एक नाविक की जान: ओमान के तटरक्षक बल ने 13 को बचाया, अब सामने आई जानकारी

सरकार से किस तरह की जानकारी मांगी गई?
पूर्व मुख्यमंत्री ने खास तौर पर बायोमीट्रिक पंजीकरण से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक करने की बात कही है। उनके मुताबिक, गृह विभाग को यह जानकारी देनी चाहिए:-
  • अब तक कितने लोगों का बायोमीट्रिक डाटा एकत्र किया गया है, इसकी अद्यतन जानकारी सार्वजनिक की जाए।
  • बायोमीट्रिक प्रक्रिया के तहत कितने लोगों की पहचान की गई है और कितने लोगों का सत्यापन पूरा हुआ है, यह बताया जाए।
  • गृह विभाग इस पूरी प्रक्रिया से जुड़े आंकड़े समय-समय पर जनता के सामने रखे, ताकि जानकारी को लेकर पारदर्शिता बनी रहे।
  • सरकार राज्य की सुरक्षा और मूल निवासी समुदायों के हितों की रक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट करे।
अब तक कितने अवैध प्रवासियों की पहचान हुई?
विज्ञापन

मणिपुर में अवैध प्रवासियों की पहचान का आंकड़ा पहले भी विधानसभा में सामने आ चुका है। राज्य के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदास ने अगस्त में विधानसभा को बताया था कि म्यांमार से आए 24,475 अवैध प्रवासियों का अब तक पता लगाया जा चुका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें