मणिपुर के चुनावी कैनवास पर नीतीश कुमार की जदयू और कोनराड संगमा की एनपीपी, त्रिशंकु विधानसभा होने की हालत में किंगमेकर के रूप में उभरने की तरफ बढ़ रही हैं।
मणिपुर के मुख्यमंत्री अध्यक्ष सहित राज्य के तमाम पार्टी प्रभारी हालांकि लगातार जीत के लंबे- चौड़े दावे कर रहे हैं। उन्हें खुद से ज्यादा भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्माई व्यक्तित्व और प्रमुख प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के बिखराव पर है। मतदान का पहला चरण 27 फरवरी और दूसरा तीन मार्च को है।
विज्ञापन
इस बीच कांग्रेस गठबंधन के दलों के अलावा एनडीए की सहयोगी पार्टियों जदयू और एनपीपी आदि में समायोजित हो चुके हैं। मणिपुर के चुनावी कैनवास पर नीतीश कुमार की जदयू और कोनराड संगमा की एनपीपी, त्रिशंकु विधानसभा होने की हालत में किंगमेकर के रूप में उभरने की तरफ बढ़ रही हैं। उधर, मणिपुर प्रभारी जयराम रमेश ने कहा है कि उनकी पार्टी का एकमात्र लक्ष्य फिलहाल अपने बल पर पूर्ण बहुमत हासिल करना है, ताकि परिणामों के बाद किसी का मुंह न ताकना पड़े।
जदयू का 75 से 80 फीसदी सीटों पर लड़ने का दावा
जदयू के कुछ दिलचस्प प्रत्याशियों में पूर्व पुलिस अधिकारी टी बृंदा और खवैराकफम लोकेन, कांग्रेस के के वीरेन और खुमुच्छम जयकिशन प्रमुख हैं। जदयू ने अभी अपने 36 प्रत्याशियों की सूची जारी की है। उसका दावा 75 से 80 फीसदी सीटों पर लड़ने का है। उसके एक महासचिव ने कहा है कि उनकी पार्टी सरकार बनाने की सबसे अधिक संभावना वाली पार्टी को अपना समर्थन देगी। दरअसल, मणिपुर में ऐसा पहले भी हो चुका है।