पहले चरण में पांच जिलों में 1721 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए। कुछ स्थानों साइतू, हेंगलेप, सिंघत आदि पर शरारती तत्वों द्वारा ईवीएम को नुकसान पहुंचाने की जानकारी मिली है।
मणिपुर विधानसभा के लिए पहले चरण में छिटपुट हिंसा की घटना के बीच 78.03 फीसदी मतदान हुआ। पहले चरण में 38 सीटों पर वोट डाले गए। मतदान निर्धारित समय से एक घंटा ज्यादा शाम पांच बजे तक चला। सबसे ज्यादा मतदान कांगपोकपी जिले में 82.97 फीसदी हुआ। पहले चरण में मुख्यमंत्री, विधानसभा के स्पीकर वाई खेमचंद सिंह, उपमुख्यमंत्री एवं एनपीपी प्रत्याशी यमनाम जॉयकुमार और मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष एन लोकेश सिंह की किस्मत का फैसला होगा।
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पहले चरण में पांच जिलों में 1721 मतदान केंद्रों पर वोट डाले गए। कुछ स्थानों साइतू, हेंगलेप, सिंघत आदि पर शरारती तत्वों द्वारा ईवीएम को नुकसान पहुंचाने की जानकारी मिली है। पुलिस को हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
आरोप है कि इंफाल पश्चिम जिले के लांगथबल निर्वाचन क्षेत्र के ककवा मतदान केंद्र पर कथित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की। जबकि एनपीपी उम्मीदवार के एक वाहन हो क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस चरण में भाजपा सभी 38 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने 35, एनपीपी 27 और जदयू ने 28 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। राज्य में भाजपा ने 2017 में एनपीपी, एनपीएफ और लोजपा की मदद से सरकार बनाई थी, लेकिन इस बार वह सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ रही है।
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दुर्घटनावश चली गोली से पुलिसकर्मी की मौत
मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि चूराचांदपुर के तिपाइमुख निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव ड्यूटी पर तैनात एक पुलिसकर्मी नाओरेम इबोचौबा की मौत हो गई। बताया जाता है पुलिस कर्मी की सर्विस रिवॉल्वर से दुर्घटनावश चली गोली के कारण उसकी मौत हो गई।