थानलोन विधानसभा सीट से विधायक वुंगजागिन वाल्टे का निधन हो गया। वाल्टे ज़ोमी आदिवासी समुदाय के प्रमुख नेता थे। वे राज्य सरकार में पूर्व मंत्री भी रह चुके थे। 61 साल के उम्र में उनका शुक्रवार को गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनम खेमचंद सिंह ने शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने के तुरंत बाद गुरुग्राम स्थित अस्पताल में थानलोन विधानसभा क्षेत्र के विधायक वुंगजागिन वाल्टे को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। गंभीर और भावुक माहौल के बीच मुख्यमंत्री ने दिवंगत विधायक के पार्थिव शरीर के समक्ष मौन खड़े होकर पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इसे राज्य के लिए अत्यंत पीड़ादायक क्षण बताया।
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लगभग दस मिनट तक परिजनों से मुलाकात कर उन्होंने इस दुख की घड़ी में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। दिवंगत आत्मा की चिर शांति के लिए प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों, सामुदायिक नेताओं और परिवारजनों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। शोकसभा में चिंगाई विधानसभा क्षेत्र से विधायक खाशिम वाशुम, टिपाईमुख विधानसभा क्षेत्र से विधायक न्गुरसंगलुर सनाते, चुराचांदपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक एल.एम. खौते, शोकाकुल परिजन तथा दिल्ली स्थित जोमी समुदाय के प्रमुख नेता उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने वुंगजागिन वाल्टे के सामाजिक और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को याद करते हुए उनके निधन को राज्य की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति बताया। वाल्टे के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और जनजातीय संगठनों ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है। उनके असामयिक निधन से मणिपुर के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण शून्य उत्पन्न हो गया है।
फेफड़ों की बीमारी के बाद दिल्ली एयरलिफ्ट
बता दें कि भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे की गंभीर हालत में इम्फाल से दिल्ली एयरलिफ्ट किया गया था। वो फेफड़ों की बीमारी से ग्रसित थे। इतना ही नहीं भीड़ की हिंसा में लगी चोटों के बाद से उनका स्वास्थ्य लगातार खराब हो रहा था। गौरतलब है कि कुकी, मेइतेई और जोमी समुदायों के बीच तनाव के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री से मिलकर लौटते समय उन पर अरामबाई तेंगोल समूह ने हमला किया था।