मणिपुर में हिंसा का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है, कई क्षेत्रों में अभी भी गोलीबारी की घटनाएं सामने आ रही है। इस बीच मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और राज्य की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी बैठक में शामिल हुए। देर रात चली बैठक के बाद सीएम बीरेन सिंह और जेपी नड्डा गृहमंत्री शाह के आवास से रवाना हो गए।
मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने बाद में पत्रकारों से कहा, हम यहां गृह मंत्री की सलाह लेने आए हैं। विस्थापितों के राहत एवं पुनर्वास का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को सुनने के बाद राज्य में शांति है। मणिपुर हिंसा पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर वे लद्दाख में हैं तो उन्हें लद्दाख की बात करनी चाहिए। आज मणिपुर में जो कुछ हो रहा है वह सब कांग्रेस की देन है। मानव जीवन पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
यह मुलाकात 29 अगस्त को मणिपुर विधानसभा के एक दिवसीय मानसून सत्र से पहले हुई है। 21 अगस्त को सदन की बैठक नहीं हो पाने के बाद राज्य कैबिनेट को दूसरी बार विधानसभा सत्र बुलाने की तारीख की सिफारिश करनी पड़ी क्योंकि कैबिनेट की पिछली सिफारिश के बावजूद राजभवन द्वारा कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई थी।
राज्य में जातीय हिंसा जारी रहने के कारण सत्तारूढ़ भाजपा सहित दस कुकी विधायकों ने विधानसभा सत्र में भाग लेने में असमर्थता व्यक्त की थी। नागा विधायकों ने यह भी कहा था कि वे सत्र में भाग नहीं लेंगे क्योंकि उन्हें लगता है कि राज्य सरकार नागा शांति वार्ता में बाधा डाल रही है। हालांकि सीएम ने एक कार्यक्रम में कहा था कि मणिपुर में स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है। हमारी पहली प्राथमिकता पहाड़ियों और घाटी दोनों में प्रभावित लोगों का पुनर्वास करना है।
बीरेन सिंह ने कहा कि यह आशंका अब खत्म हो गई है कि बंदूक से हमले हो सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा मानना है कि सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी। यह सामूहिक प्रयासों के कारण संभव हुआ है। बता दें कि मणिपुर में जातीय संघर्षों में 160 से अधिक लोग मारे गए हैं और कई सैकड़ों घायल हुए हैं।