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मणिपुर: किसानों की सुरक्षा के लिए सीएम ने बुलाई कैबिनेट बैठक, राज्य और जिला स्तरीय निगरानी समिति का होगा गठन

सार

मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्रियों और अन्य लोगों के साथ राज्य में चल रहे संघर्ष के कारण किसानों की दुर्दशा और समस्याओं को देखने के लिए एक राज्य स्तरीय निगरानी समिति और एक जिला स्तरीय निगरानी समिति गठित करने पर सहमति व्यक्त की।
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मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह। - फोटो : ANI (फाइल फोटो)
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विस्तार
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मणिपुर में चल रहे संघर्ष के बीच किसानों की समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने सोमवार को सीएम सचिवालय में कैबिनेट मंत्रियों, मुख्य सचिव, सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, आयुक्तों और अन्य प्रमुख अधिकारियों के साथ एक बैठक की। यह जानकारी शिक्षा मंत्री बसंत कुमार सिंह ने दी।

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मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्रियों और अन्य लोगों के साथ राज्य में चल रहे संघर्ष के कारण किसानों की दुर्दशा और समस्याओं को देखने के लिए एक राज्य स्तरीय निगरानी समिति और एक जिला स्तरीय निगरानी समिति गठित करने पर सहमति व्यक्त की।

जानकारी के मुताबिक, राज्य स्तरीय निगरानी समिति की अध्यक्षता कृषि आयुक्त करेंगे और जिला स्तरीय समन्वय डीसी, एसपी, मुख्य अभियंता और किसान संघ जैसे लूसल, इरावत फाउंडेशन मणिपुर, कांगलेईपाक किसान संघ आदि करेंगे।
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राज्य कमेटी करेंगी यह काम

  • क्षेत्रों में किसानों के लिए सुरक्षा उपाय।
  • यह आसपास के जिलों में सुरक्षित कृषि के लिए किसानों के साथ योजना और समन्वय भी बनाएगा।
  • मांग के अनुरूप सुरक्षा बलों की तैनाती।
  • उचित एवं प्रभावी कृषि के लिए कृषि गतिविधियों की निगरानी।


प्राधिकरण ने संबंधित डीसी की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय निगरानी समिति भी गठित की है। यह समिति संबंधित जिले में अपने कार्यक्षेत्र में किसानों को सुरक्षित कृषि के उपाय और तरीके बताएगी। प्रत्येक स्थानीय संगठन जिला समिति का सदस्य होगा। जिला समिति पानी की आपूर्ति और किसानों द्वारा की गई गतिविधियों के समयबद्ध निष्पादन की भी देखभाल करेगी।

पांच जिलों में तैनात हैं 1937 सुरक्षा बल
शिक्षा मंत्री बसंत कुमार सिंह ने बताया कि इस समय पांच जिलों किसानों की सुरक्षा के लिए 1937 सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। इंफाल पश्चिम में 879 सुरक्षाकर्मी, इंफाल पूर्व में 466, बिष्णुपुर में 243, थौबल में 145 और काकचिंग में 204 सुरक्षाबल किसानों की सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। हालांकि, शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्राधिकरण किसानों को 100 प्रतिशत सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकता है।

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