पिछले चुनाव में भाजपा ने जीती थीं 21 तो कांग्रेस ने 28 सीटें
2017 के विधानसभा चुनाव में यहां पर भाजपा ने 21 सीटों पर जीत हासिल की थी जबकि कांग्रेस के खाते में 28 सीटें आई थीं। इसके बाद भी भाजपा ने दो स्थानीय पार्टियों एनपीपी (नेशनल पीपल्स पार्टी) और एनपीएफ (नगा पीपल्स फ्रंट) से हाथ मिलाते हुए सरकार बना ली थी। इस बार भाजपा का दावा है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में दो तिहाई सीटों पर जीत हासिल करने वाली है।
इस बार 40 सीटें जीतने के लक्ष्य के साथ चल रही है भाजपा
मणिपुर भाजपा के उपाध्यश्र चिदानंद का कहना है कि हमारी पार्टी का लक्ष्य 40 सीटों पर जीत हासिल करने का है। गठबंधन में रार की खबरों को लेकर उन्होंने कहा कि राज्य के पर्वतीय इलाके में मुख्य लड़ाई भाजपा और एनपीएफ के बीच रहेगी। इस क्षेत्र में एनपीएफ का वर्चस्व है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 31 विधायक अथवा पूर्व विधायकों समेत 160 लोग टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।
एनपीएफ और एनपीपी की नाराजगी बढ़ा सकती है समस्या
एनपीएफ और एनपीपी, दोनों ने ही भाजपा के खिलाफ अपने-अपने प्रत्याशी खड़े करने का फैसला किया है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि भाजपा के भीतर आए मतभेद और एनपीपी व एनपीएफ के सहयोगियों के बीच इसके हिंदुत्व कार्ड को लेकर नाखुशी ने गठबंधन के भागीजारों के बीच समस्याएं पैदा कर दी हैं। इसके चलते राज्य में भगवा दल की संभावना पर असर पड़ सकता है।
चुनाव के बाद बन सकती है गठबंधन की संभावना
समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर के लेखक, संपादक और उत्तर-पूर्व पर विशेषज्ञ प्रदीप फंजउबाम का कहना है कि यद्यपि अभी किसी चुनाव पूर्व गठबंधन की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन संभव है कि हम चुनाव के बाद एक गठबंधन की स्थित देखने को मिले। उन्होंने कहा कि किसी पार्टी की स्पष्ट जीत के आसार अभी भी नहीं हैं और ऐसा सरकार का गठन करने के लिए किया जा सकता है।