राष्ट्रपति मुर्मू से मिलीं आईएमएफ की प्रबंध निदेशक
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान की डिजिटल तरीके से शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने लोगों से 2025 तक देश से टीबी के उन्मूलन के लिए युद्ध स्तर पर काम करने की अपील की। उन्होंने इसके लिए सामूहिक रूप से काम करने को कहा। राष्ट्रपति ने ‘नि-क्षय 2.0’ पोर्टल के जरिए टीबी के मरीजों को सामुदायिक सहायता प्रदान करने की सरकार की पहल की सराहना की। राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि जब लोगों के हित में कोई कल्याणकारी योजना बनाई जाती है, तो उसके सफल होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
मुर्मू ने कहा कि सभी संक्रामक रोगों में सबसे ज्यादा मौतें टीबी से होती हैं। भारत में दुनिया की आबादी का 20 प्रतिशत से कुछ कम है, लेकिन दुनिया के कुल टीबी रोगियों का यहां 25 फीसदी से अधिक है। यह चिंता का विषय है। टीबी से प्रभावित ज्यादातर लोग समाज के गरीब तबके से आते हैं।
आईएमएफ की प्रबंध निदेशक से की मुलाकात
इस बीच आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने आज राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि वैश्विक मुद्रा प्रणाली की स्थिरता बनाए रखने में मुद्राकोष को अहम भूमिका निभानी है। मुर्मू ने कहा कि दुनिया कोरोना की गंभीर महामारी से जूझ रही है। यह संक्रमण बीते तीन साल से हमारे बीच है। पूरी दुनिया इससे प्रभावित है। आईएमएफ और विश्व बैंक जैसे संस्थानों ने कई प्रयास कम आय वाले देशों को उल्लेखनीय सहायता प्रदान कर रहे हैं।
पीएम मोदी से भी मिलीं IMF प्रबंध निदेशक
इससे पहले क्रिस्टलिना जॉर्जीवा ने शानदार मुलाकात के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शुक्रिया कहा। साथ ही उन्होंने पीएम को कोरोना महामारी से भारत के मजबूत आर्थिक सुधार पर बधाई दी। उन्होंने ट्वीट किया कि यह उल्लेखनीय प्रगति है खासकर डिजिटलीकरण में अविश्वसनीय सफलता हासिल की है।
आईएमएफ निदेशक ने पीएम मोदी के साथ वार्ता में भारत के डिजिटलीकरण के क्षेत्र में अविश्वसनीय कामयाबी की सराहना की और वित्तीय स्थिरता और व्यापक आर्थिक रक्षा के लिए भारत के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने एक मजबूत बहुपक्षीय प्रणाली को और मजबूत करने और आईएमएफ सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए भारत के मजबूत नेतृत्व पर भी भरोसा किया। जॉर्जीवा ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मुलाकात में भारत के आगामी जी20 की अध्यक्षता और इसके लिए आईएमएफ की मदद पर चर्चा की।