60 वर्षीय व्यक्ति के परिजनों ने आरोप लगाया कि उत्पीड़न और मानसिक शोषण के कारण उसने जिंदगी खत्म कर ली। ट्रिब्यूनल में काफी वर्षों से भारतीय नागरिकता सिद्ध करने के मामले की सुनवाई के कारण निराश हो गया था।
विदेशी ट्रिब्यूनल में 18 साल से नागरिकता की लड़ाई लड़ रहे 60 वर्षीय व्यक्ति ने आत्महत्या करके जान दे दी। बुधवार को असम के मोरीगांव जिले की पुलिस ने बताया कि व्यक्ति की पहचान माणिक दास के रूप में हुई। वह रविवार शाम से ही गायब था। मंगलवार सुबह उसका शव घर के पास स्थित पेड़ पर लटका मिला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
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फिलहाल, यह सुसाइड का मामला लग रहा है। वहीं माणिक के परिजनों ने आरोप लगाया कि उत्पीड़न और मानसिक शोषण के कारण उसने जिंदगी खत्म कर ली।
ट्रिब्यूनल में काफी वर्षों से भारतीय नागरिकता सिद्ध करने के मामले की सुनवाई के कारण निराश हो गया था। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। बता दें कि 2004 में दास के खिलाफ ट्रिब्यूनल में मामला दर्ज हुआ था।