विमंतल पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि चेक-इन कियोस्क पर मौजूद सीआईएसएफ अधिकारियों ने सलीम खान के टिकट पर फर्जी पीएनआर नंबर का पता लगाया। पूछताछ के दौरान खान ने दावा किया कि वह अपने पिता को छोड़ने एयरपोर्ट आया था, जो इंडिगो की फ्लाइट से लखनऊ जा रहे थे।
पुणे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर सुरक्षा अधिकारियों ने 27 साल के एक व्यक्ति को फर्जी टिकट के साथ गिरफ्तार किया है। वह लखनऊ जाने की योजना बना रहा था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, 25 वर्षीय बांग्लादेशी व्यक्ति को मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से फर्जी भारतीय पासपोर्ट पर सऊदी अरब भागने की कोशिश करते हुए गिरफ्तार किया गया।
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पहले जानते हैं पुणे एयरपोर्ट पर क्या हुआ?
पुलिस ने सोमवार को बताया कि आरोपी सलीम गोले खान ने उत्तर प्रदेश में रहने वाले अपने दोस्त नसरुद्दीन खान से एक निजी एयरलाइंस का टिकट हासिल किया था। पुलिस ने सलीम खान और नसरुद्दीन खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज किया है। घटना रविवार को सुबह 3.55 बजे हुई।
विमंतल पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि चेक-इन कियोस्क पर मौजूद सीआईएसएफ अधिकारियों ने सलीम खान के टिकट पर फर्जी पीएनआर नंबर का पता लगाया। पूछताछ के दौरान खान ने दावा किया कि वह अपने पिता को छोड़ने एयरपोर्ट आया था, जो इंडिगो की फ्लाइट से लखनऊ जा रहे थे। उसके पिता के टिकट पर पीएनआर असली था।
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अधिकारी ने बताया कि सलीम खान ने पुलिस को बताया कि उसने अपने दोस्त नसरुद्दीन खान से 6,500 रुपये देकर फर्जी पीएनआर वाला टिकट हासिल किया था। पुलिस सलीम खान से पूछताछ कर रही है। वह अपने इरादे के बारे में बार-बार बयान बदल रहा है। सलीम खान का दावा है कि वह अपने पिता को छोड़ने एयरपोर्ट आया था, लेकिन उसके पास लखनऊ गंतव्य के लिए फर्जी पीएनआर वाला टिकट था।
अब जानिए मुंबई का हाल
मोहम्मद उस्मान करामत अली बिस्वास के रूप में पहचाने जाने वाले आरोपी ने 2012 से अवैध रूप से भारत में रह रहा था। उसने फर्जी पासपोर्ट का उपयोग करके 2016 और 2023 में सऊदी अरब की दो यात्राएं की थीं। पुलिस ने दावा किया कि बिस्वास ने 2023 में अपनी अंतिम यात्रा के दौरान सऊदी अरब (रियाद) में भारतीय दूतावास में अपना पासपोर्ट नवीनीकृत करवाने में कामयाबी हासिल की। बिस्वास 11 अगस्त को उस्मान किरामत सिद्दीकी के रूप में फर्जी पहचान का उपयोग करके मुंबई हवाई अड्डे से सऊदी अरब जाने की कोशिश कर रहा था। बिस्वास से पूछताछ में पता चला कि वह 2012 में बांग्लादेश से अवैध रूप से भारत में आया था। उसके पास उसके नाम से बने वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड और पैन कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज थे।