केरल के लोक निर्माण मंत्री जी सुधाकरन ने गुरुवार को पंजीकरण विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। इन अधिकारियों ने पिछले हफ्ते एक शख्स को शादी के 16 साल बाद मैरिज सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया था और कहा कि दोबारा शादी करके आओ।
पीड़ित शख्स का नाम पी मधुसूदन है जो कोझीकोड़ के मुक्कम के निवासी हैं। उन्होंने मैरिज सर्टिफिकेट के लिए मुक्कम के उप-पंजीयक के कार्यालय से संपर्क किया। 16 साल पहले उन्होंने विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी की थी। आमतौर पर इस तरह का प्रमाण पत्र आवेदन देने के बाद उसी दिन उपलब्ध कराया जाता है लेकिन, उसे कार्यालय के कई चक्कर लगाने को कहा गया।
जब मधुसूदन ने इसका विरोध किया तो अधिकारियों ने उसका मजाक उड़ाया और कहा कि तुरंत सर्टिफिकेट पाने के लिए दोबारा शादी करो। उन्होंने अपने एक दोस्त को इस घटना के बारे में बताया। उनके दोस्तों ने उसे अपनी आपबीती फेसबुक करने को कहा। जैसे ही उनका पोस्ट वायरल हुआ लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। अधिकारियों ने अपना बचाव करते हुए कहा कि यह केवल मजाक था लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
मधुसूदन ने 27 फरवरी 2003 को विशेष विवाह अधिनियम के तहत शादी की थी। उन्हें मैरिज सर्टिफिकेट की अटेस्ट कॉपी चाहिए थी। हालांकि अधिकारी पुरानी फाइलों को देखने के इच्छुक नहीं थे। उन्होंने उसका मजाक उड़ाया और उसे कई बार ऑफिस आने के लिए बाध्य किया। मंत्री ने कहा कि अधिकारियों का व्यवहार स्वीकार योग्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि सर्टिफिकेट उसी दिन जारी किया जाता है लेकिन अधिकारियों ने उसे तीन दिनों तक इंतजार करने के लिए कहा। उन्हें अपमान भी सहना पड़ा। मंत्री ने कहा, 'जब उसके सोशल मीडिया पोस्ट पर मेरी नजर पड़ी तो मैंने अधिकारियों से इसके बारे में पता करने को कहा और जब पता चला कि उसकी परेशानी सही है तो मैंने अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की।'
मंत्री ने कहा कि इस तरह के अधिकारी सरकारी विभाग में काम करने योग्य नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'हम इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं कर सकते। मैंने अधिकारियों से कहा है कि वह इस बात की जांच करें कि इन अधिकारियों पर इस तरह की शिकायतें लंबित तो नहीं हैं।'