पश्चिम बंगाल की सीएम व टीएमसी की प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्र की कथित दमनकारी नीतियों के खिलाफ विपक्ष से लामबंद होने की गुहार लगाई है। उन्होंने विपक्ष के सभी नेताओं व मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर लोकतंत्र पर भाजपा के सीधे हमले को लेकर चिंता जताई है।
27 मार्च को लिखा गया पत्र ममता बनर्जी ने मंगलवार को अपने ट्विटर हैंडल से जारी किया है। इसमें विपक्ष के नेताओं से सभी की सुविधाजनक तारीख व स्थान पर एक बैठक आयोजित करने का भी अनुरोध किया है। बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सीबीआई, ईडी, सीवीसी और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को प्रताड़ित करने तथा दबाव डालने के लिए कर रहा है।
बनर्जी ने कहा कि विपक्ष को केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराने के लिए एकजुट हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा, 'विपक्षी दल के तौर पर यह हमारी संवैधानिक जिम्मेदारी है कि इस सरकार को उसके कामों के लिए जिम्मेदार ठहराएं और असंतोष की आवाज को दबाने का विरोध करें। मैं सभी से एक जगह पर सुविधा के अनुसार, बैठक करने की अपील करती हूं ताकि आगे के रास्ते पर विचार किया जाए। यह समय की मांग है कि इस देश के सभी प्रगतिशील ताकतों को एक साथ आ जाना चाहिए।
टीएमसी प्रमुख ने लिखा कि वह देश के संस्थागत लोकतंत्र पर सत्तारूढ़ भाजपा की तरफ से हो रहे सीधे हमले पर चिंता जाहिर करने के लिए यह पत्र लिख रही हैं। ईडी, सीबीआई, सेंट्रल विजिलेंस कमिशन (CVC), और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल बदले के लिए निशाना साधने, परेशान करने और देशभर के राजनीतिक विरोधियों को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है।'
खोखले शासन की सुहानी तस्वीर दिखाने का आरोप
सीएम बनर्जी ने भाजपा पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि भाजपा शासित राज्यों को 'उनके खोखले शासन की सुहावनी तस्वीर दिखाने के लिए इन एजेंसियों' से मुफ्त का पास मिल जाता है। यह भी कहा कि भाजपा न्यायपालिका के कुछ खास वर्ग को प्रभावित करने के लिए देश के संघीय ढांचे पर हमला करने की कोशिश कर रही है।
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में टीएमसी नेता अभिषेक नहीं हुए ईडी के समक्ष पेश
उधर, तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी मंगलवार को दिल्ली में ईडी के समक्ष पेशी पर नहीं पहुंचे। ईडी ने कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नए सिरे से पूछताछ के लिए अभिषेक को समन कर दिल्ली बुलाया था। सूत्रों के मुताबिक पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक ने ईमेल के जरिये जांच अधिकारी को निजी कारणों के चलते पेश होने में असमर्थता जताई है। उनकी पत्नी रुजिरा भी 22 मार्च को पूछताछ के लिए नहीं पहुंची थीं, जिसके बाद ईडी ने उन्हें 30 मार्च को समन किया था।