यूपी चुनाव-2022 को लेकर सभी दलों ने अपनी जाजम बिछाना शुरू कर दिया है। सत्तारूढ़ भाजपा व विपक्ष कांग्रेस व सपा के अलावा तमाम दल अपने अपने गठजोड़ बनाने में जुटे हैं। ऐसे में तृणमूल कांग्रेस कहां पीछे रह सकती है। सोमवार को बंगाल के सिलीगुड़ी में पार्टी की प्रमुख ममता बनर्जी ने कांग्रेस के दशकों तक दिग्गज नेता रहे स्व. कमलापति त्रिपाठी के परिवार को अपने पाले में कर लिया।
यूपी के दो ताकतवर कांग्रेस नेता राजेशपति त्रिपाठी और ललितेशपति त्रिपाठी ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। राजेशपति त्रिपाठी यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के पोते हैं, जबकि ललितेश राजेशपति के पुत्र हैं। कमलापति त्रिपाठी के परिवार की पांच पीढ़ियां कांग्रेस में रही हैं।
हम अखिल भारतीय पार्टी : ममता
सिलीगुड़ी में त्रिपाठी पिता-पुत्र को तृणमूल में शामिल कराने के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि यूपी के नेताओं का हमारी पार्टी में शामिल होना, यह बताता है कि हम अब एक अखिल भारतीय पार्टी हैं। हम भाजपा कड़ी टक्कर दे सकते हैं। बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा तृणमूल कांग्रेस को गोवा में राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने से रोक रही है। जल्द वह वहां जाएंगी।
भाजपा को सत्ता से बाहर करेंगे : त्रिपाठी
तृणमूल में शामिल होने के बाद राजेशपति और ललितेश त्रिपाठी ने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में भाजपा को यूपी और केंद्र से बाहर करना ही उनका लक्ष्य है।
यूपी के सीएम व केंद्रीय रेल मंत्री रहे थे कमलापति
बनारस के ख्यात नेता रहे कमलापति त्रिपाठी का परिवार इसी माह कांग्रेस से नाता तोड़ चुका है। कमलापति त्रिपाठी आजादी के पहले से कांग्रेस से जुड़े हुए थे। वे 1971 से 73 तक यूपी के मुख्यमंत्री रहे। बाद में केंद्रीय रेल मंत्री भी बने। उनके निधन के बाद उनके पुत्र लोकपति त्रिपाठी और पुत्रवधू चंद्रा त्रिपाठी भी राजनीति में आए। लोकपति के बेटे राजेशपति त्रिपाठी भी विधायक रहे, जबकि ललितेश त्रिपाठी यूपी कांग्रेस के उपाध्यक्ष रहे।