वामदलों और कांग्रेस पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि राज्य में जिनका कोई राजनीतिक आधार नहीं है, वे बंद जैसी सस्ती राजनीति करके यहां की अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं। बनर्जी ने कहा कि वह बंद के मकसद का समर्थन करती हैं, लेकिन उनकी पार्टी और सरकार किसी भी तरह के बंद के विरोध में हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि सीपीआईएम की कोई विचारधारा नहीं है। रेलवे पटरियों पर बम लगाना 'गुंडागर्दी' है। आंदोलन के नाम पर यात्रियों की पिटाई की जा रही है और पथराव किया जा रहा है। यह 'दादागिरी' है, आंदोलन नहीं। मैं इसकी निंदा करती हूं।
गौरतलब है कि बंद केंद्र की आर्थिक नीतियों, संशोधित नागरिकता कानून और प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी एनआरसी के विरोध में बुलाया गया है। उन्होंने कहा, ‘हम बंगाल में किसी तरह के बंद की इजाजत नहीं देंगे।’ बनर्जी ने कहा कि वे सीएए या एनआरसी के खिलाफ किसी बड़े आंदोलन से नहीं जुड़े हैं, न बंगाल में और न ही देश में कहीं और।
बंगाल में हिंसा की छिटपुट घटनाएं
पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में सड़क और रेल यातायात बाधित हुआ। कई स्थानों से हिंसा की छिटपुट घटनाएं भी सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों ने राज्य के कई स्थानों पर रेल एवं सड़क यातायात बाधित किया, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। पूर्वी बर्दवान जिले में विभिन्न स्थानों पर जलते हुए टायर डाले गए और सड़कें बाधित की गई। इसके अलावा रेलवे पटरियों को भी अवरुद्ध किया गया जिससे रेल यातायात बाधित हुआ। पूर्वी मिदनापुर जिले में बसों पर पथराव किया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया जिसके बाद झड़प शुरू हो गई और इसके बाद कई प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया।