रैली के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि जो लोग 70:30 के अनुपात की बात कर रहे हैं। वह यह जान लें कि मैं रोजाना सुबह चंडी पाठ करती हूं। मैं हिंदू परिवार की बेटी हूं। मेरे खिलाफ हिंदू कार्ड न खेलें। मैं अपने विरोधियों को चंडी पाठ पढ़ने की चुनौती देती हूं। बता दें कि नंदीग्राम में ममता का मुकाबला भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी से होगा, जो पहले टीएमसी से इस सीट पर विधायक हैं।
हिंदू कार्ड के मुद्दे पर बात करने के बाद ममता बनर्जी ने मंच पर चंडी पाठ पढ़ा। उन्होंने कहा, 'ओम जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी, दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते...' मंत्र पढ़ने के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि वे लोग नंदीग्राम के पवित्र आंदोलन को बदनाम कर रहे हैं और सांप्रदायिक कार्ड खेल रहे हैं, लेकिन लोग एक अप्रैल को होने वाले मतदान के दिन भाजपा को अप्रैल फूल बनाएंगे।
ममता बनर्जी ने बाहरी के मुद्दे पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग मुझे नंदीग्राम में बाहरी बता रहे हैं। मैं पड़ोस के बीरभूम जिले में पैदा हुई और पली-बढ़ी। इसके बावजूद मैं बाहरी हो गई, लेकिन जो लोग गुजरात से आ रहे हैं, वे भीतरी कैसे हो गए?
ममता बनर्जी ने रैली में मौजूद लोगों से कहा कि अगर आप चाहते हैं कि मैं नामांकन नहीं भरूं तो मैं नॉमिनेशन फाइल नहीं करूंगी। लेकिन अगर आप मुझे बेटी मानते हैं तो मैं नामांकन दाखिल करके अपने कदम बढ़ाऊंगी। बता दें कि ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ती थीं, लेकिन इस बार वह नंदीग्राम से मैदान में उतरी हैं। वह 10 मार्च को नामांकन दाखिल करेंगी।
जानकारी के मुताबिक, ममता बनर्जी नंदीग्राम स्थित चंडी मंदिर भी गईं। इसके बाद वह नंदीग्राम में शमशाबाद मजार पर भी पहुंचीं और चादर चढ़ाई। गौरतलब है कि भाजपा ने पश्चिम बंगाल चुनाव के मद्देनजर अब तक 57 उम्मीदवारों की सूची जारी है, जिनमें नंदीग्राम सीट पर सुवेंदु अधिकारी को ममता बनर्जी के खिलाफ उतारा गया है। ऐसे में नंदीग्राम सीट हाईप्रोफाइल हो गई है। गौरतलब है कि सुवेंदु एक वक्त पर ममता बनर्जी के बेहद करीबी थे, लेकिन दिसंबर 2020 में वह भाजपा में शामिल हो गए।