पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला हैं। उन्होंने निराशा जताते हुए कहा कि गंगासागर मेला को केंद्र ने मान्यता कभी नहीं दी हैं, जबकि गंगासागर मेला दुनिया के शानदार धार्मिक समागमों में से एक हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि इसके लिए मैंने केंद्र को कई पत्र लिखे, यहां तक यूनेस्कों से भी इसको लेकर पत्राचार किया था। गौरतलब है कि मकर संक्रांति के दौरान लाखों तीर्थयात्री गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम पर पवित्र स्थान के लिए इकट्ठा होते हैं।
गंगासागर मेले के लिए केंद्र से नहीं मिला कोई सहयोग- ममता
दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में एक आधिकारिक कार्यक्रम में बोलते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि हमारी सरकार केंद्र से कोई सहायता नहीं मिलने के बावजूद वार्षिक आयोजन के लिए काम करती रहती हैं। इस दौरान केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा ममता बनर्जी ने कहा कि कुंभ मेला एक बड़ा मेला हैं, जिसे केंद्र से पूरी सहायता मिलती हैं। उन्होंने कहा कि गंगासागर मेला, जो एक द्वीप पर आयोजित होता है। यह दुनिया के सबसे अच्छे मेलों में से एक हैं, पता नहीं केंद्र सरकार इसे मान्यता क्यों नहीं दे रही हैं। अपने संबोधन में ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार गंगा सागर द्वीप को मुख्य भूमि से जोड़ने के लिए एक पुल का निर्माण कर रही हैं। ममता बनर्जी ने और 61 करोड़ रुपये की कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया हैं।
कई बार केंद्र को सहयोग के लिए लिखा पत्र- ममता बनर्जी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने इसको लेकर कई बार केंद्र को पत्र लिखा है। लेकिन कभी भी कोई जवाब उनकी तरफ से नहीं आया और न ही गंगासागर मेले के आयोजन के लिए पैसा दिया। ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार अपने तरफ से गंगासागर मेला आयोजित कर रही हैं, लेकिन इसमें कोई सहयोग नहीं करता हैं। उन्होंने कहा कि मैंने यूनेस्को को भी पत्र लिका था, जिसमें मैंने गंगासागर मेला को विरासत दर्जा देने का आग्रह किया था। हर साल लगभग एक करोड़ तीर्थयात्री यहां गंगा सागर मेले में पहुंचते हैं। यूनेस्को ने 2022 में कोलकाता की दुर्गा पूजा को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (ICH) टैग प्रदान किया।