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हुगली में बोले प्रधानमंत्री मोदी, हम ऐसा बंगाल बनाएंगे जो टोलाबाजी से मुक्त और रोजगार से युक्त होगा

Mon, 22 Feb 2021 06:01 PM IST
स्नेहा बलूनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
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हुगली में प्रधानमंत्री मोदी - फोटो : एएनआई
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पश्चिम बंगाल में कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। इसे लेकर अपने दौरे के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार की शाम हुगली पहुंचे। यहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आपका उत्साह कोलकाता से दिल्ली के लिए एक संदेश भेज रहा है। अब पश्चिम बंगाल ने परिवर्तन के लिए अपना मन बना लिया है।

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प्रधानमंत्री ने राज्य की तृणमूल सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की अब तक की सरकारों ने इस ऐतिहासिक क्षेत्र को अपने हाल पर छोड़ दिया। यहां के इन्फ्रास्ट्रक्चर को, यहां की धरोहरों को बेहाल होने दिया गया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम भवन, जहां बंकिम चंद्र चटर्जी पांच साल रहे, वो बहुत बुरी हालत में है।

उन्होंने कहा कि ये वो भवन है जहां उन्होंने वंदे मातरम की रचना को लेकर मंथन किया। वो वंदे मातरम जिसने आजादी की लड़ाई में नए प्राण फूंके और राज्य की सरकार ने इसे इसके हाल पर छोड़ दिया। जब बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी तो हर बंगालवासी अपनी संस्कृति का गौरवगान बिना किसी के डर के कर सकेगा।
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पश्चिम बंगाल में कमल खिलाना जरूरी है...
उन्होंने कहा कि हम ऐसा बंगाल बनाएंगे जो टोलाबाजी से मुक्त होगा और रोजगार व स्वरोजगार से युक्त होगा। उन्होंने कहा कि मां माटी और मानुष की बात करने वाले लोग बंगाल के विकास के सामने दीवार बनकर खड़े हो गए हैं। बंगाल में कमल खिलाना इसलिए जरूरी है कि बंगाल में वह परिवर्तन आ सके जिसकी उम्मीद में हमारा नौजवान जी रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस साल रेल और मेट्रो कनेक्टिविटी केंद्र सरकार की प्राथमिकता है। इन कामों को दशकों पहले हो जाना चाहिए था और अब हमें इसमें और देर नहीं करनी चाहिए। रेल लाइनों का विस्तार करने से लेकर विद्युतीकरण के कामों समेत कई इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में निवेश किया जा रहा है।

गरीबों को पानी से वंचित रख रही है टीएमसी सरकार...
प्रधानमंत्री ने कहा, बंगाल के लाखों गरीब परिवार आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये के मुफ्त इलाज की सुविधा से आज भी वंचित हैं। गरीब को सुविधा मिले इन प्रयासों को कैसे यहां रोका जाता है उसका एक उदाहरण देता हूं। देश के गांवों में हर घर तक पाइप से पानी पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन चल रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रयास ये है कि हमारी माताओं, बहनों और बेटियों को पानी लाने में समय और श्रम न लगाना पड़े। बच्चों को प्रदूषित पानी से बोने वाली बीमारियों से बचाया जा सके। बंगाल के लिए यह इसलिए ज्यादा जरूरी है क्योंकि यहां डेढ़ पौने दो करोड़ ग्रामीण घरों में, केवल नौ लाख घरों में नल से जल की सुविधा है।  

1100 करोड़ दबा कर बैठी है टीएमसी सरकार...
पीएम ने कहा, यहां की सरकार जिस रफ्तार से काम कर रही है, उस रफ्तार से तो बंगाल के हर घर तक पाइप से जल पहुंचाने में पता नहीं कितने साल बीत जाएंगे। हर घर में जल पहुंचाने के लिए भारत सरकार ने 1700 करोड़ रुपये से ज्यादा रकम टीएमसी सरकार को दी, लेकिन इसमें से सिर्फ 609 करोड़ रुपये ही यहां के सरकार ने खर्च किए।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि बाकी 1100 करोड़ यहां की सरकार दबा के बैठ गई है। ये दिखाता है कि टीएमसी सरकार को गरीब की, बंगाल की बहनों और बेटियों की जरा भी परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा की सरकार केवल सत्ता में परिवर्तन के लिए नहीं बल्कि आसोल (पूर्ण) परिवर्तन के लिए बनानी है।

कलकत्ता की कीर्ति थी, जो बर्बाद हो गई...
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय में हुगली उद्योगों का केंद्र था, कारखाने थे, बड़े पैमाने पर यहां से निर्यात होता था, लेकिन आज हुगली की क्या स्थिति है, ये आप जानते हैं। एक समय था जब पूर्वी भारत के अनेक लोकगीतों में, घर-घर में माताएं-बहनें जो लोकगीत गाती थीं, उनमें गाया जाता था कि घर के लोग कमाने के लिए 'कलकत्ता' गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन गीतों में उम्मीद लगाई जाती थी कि वहां से वापस आते समय व्यक्ति क्या-क्या लाएगा। ऐसे गीत बंगाल के बाहर पूरे देश में गाए जाते थे। ये कलकत्ता की कीर्ति थी, अब ये सब बदल गया है। कभी सबको रोजगार देने वाले बंगाल के लोग अब रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाने के लिए मजबूर हैं। हम इसमें बदलाव लाएंगे। 

हम करेंगे क्षेत्र का आसोल विकास...
उन्होंने कहा कि हम तेजी से निर्णय लेंगे, इस क्षेत्र का विकास करेंगे। एक समय था जब यहां की जूट मिलें देश भर की जरूरत को पूरी करती थीं, लेकिन यह उद्योग भी अपने हाल पर छोड़ दिया गया। जबसे केंद्र में भाजपा सरकार आई है, जूट किसानों के लिए कई कदम लिए गए हैं। गेहूं की पैकिंग के लिए हमने जूट का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों और किसानों के बैंक खातों में सीधे रुपये भेजती है, लेकिन, बंगाल सरकार की योजनाएं टीएमसी के 'टोलाबाजों' की अनुमति के बिना गरीबों तक पहुंच ही नहीं पाती हैं। यही कारण है कि टीएमसी नेता अमीर होते जा रहे हैं और सामान्य परिवार गरीब हो रहे हैं।

बंगाल का विकास तब तक संभव नहीं जब तक... 
प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल का विकास तब तक संभव नहीं है जब तक यहां सिंडीकेट का राज रहेगा, टोलाबाजी का राज रहेगा, कट कल्चर रहेगा, शासन-प्रशासन गुंडों को आश्रय देगा, कानून का राज यहां स्थापित नहीं होता, सामान्य जन की सुनवाई करने वाली सरकार यहां नहीं बनती है। इसी स्थिति को बदलने के लिए बंगाल के कोने-कोने से आवाज आ रही है, 'आमरा आसोल पोरिबर्तन चाही' (हमें पूर्व परिवर्तन चाहिए)।

सीएम ममता बनर्जी ने बनाए रखी दूरी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगी। ममता आज हुगली में प्रधानमंत्री द्वारा कई रेलवे परियोजनाओं के उद्घाटन समारोह से दूर रहेंगी। इससे पहले भी उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम से दूरी बनाई थी। 

नोआपाड़ा से दक्षिणेश्वर तक कोलकाता मेट्रो के विस्तार का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नोआपाड़ा से दक्षिणेश्वर तक कोलकाता मेट्रो रेलवे के विस्तार का उद्घाटन किया। दक्षिणेश्वर 160 साल से अधिक पुराने काली मंदिर के लिये प्रसिद्ध है। उन्होंने डिजिटल माध्यम से यहां मेट्रो रेलवे के उत्तर-दक्षिण गलियारे पर नोआपाड़ा से दक्षिणेश्वर तक 4.1 किलोमीटर के खंड पर उद्घाटन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।

मोदी ने कलाईकुंडा और झाड़ग्राम के बीच तीसरी लाइन, अज़ीमगंज से खगराघाट रोड खंड के दोहरीकरण, डानकुनी और बरुइपाड़ा के बीच चौथी लाइन और रसूलपुर और मगरा के बीच तीसरी लाइन को राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि मेट्रो का विस्तार शहर के कालीघाट मंदिर और दक्षिणेश्वर काली मंदिर के बीच आसान और तेज कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा।
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