पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अगले महीने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की जयंती के मौके पर ‘भाजपा भारत छोड़ो’ नारे के साथ तीन सप्ताह तक आंदोलन शुरू करने का एलान किया है। यह आंदोलन 30 अगस्त तक चलेगा।
शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस की ओर से आयोजित सालाना शहीद रैली के दौरान ममता ने इसका एलान किया। 21 जुलाई, 1993 को पुलिस की गोली से मारे गए 13 युवकों की याद में ममता हर साल इस दिन को शहीद दिवस के तौर पर मनाती रही हैं।
उन्होंने इस मौके पर केंद्र सरकार और भाजपा पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के खिलाफ 18 विपक्षी राजनीतिक दलों को गठबंधन का भविष्य में और विस्तार किया जाएगा। केंद्र पर राज्य सरकारों को काम नहीं करने देने का आरोप लगाया। ममता ने दावा किया कि अगले लोकसभा चुनावों में भगवा पार्टी केंद्र की सत्ता से हट जाएगी।
केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध में कड़वाहट
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों की वजह से पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध में कड़वाहट आई है। ममता ने सवाल किया कि आखिर नेपाल, भूटान और बांग्लादेश के साथ वह (केंद्र) संबंध और बेहतर क्यों नहीं कर सकती? इन देशों की सीमाएं बंगाल से सटी हैं। उन्होंने कहा कि भारत से भाजपा का भगाना हमारे लिए एक चुनौती है।
उन्होंने कहा कि हड़बड़ी में जीएसटी लागू करने से व्यापारियों के अलावा आम लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, इससे आर्थिक नुकसान भी होगा।
ममता ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल को वाममोर्चा-मुक्त कर दिया है और अब वह देश को भाजपा-मुक्त करेगी। उन्होेंने बताया कि भाजपा के खिलाफ आंदोलन हर लोकसभा, विधानसभा क्षेत्र, ब्लाक, शहरों और गांवों में शुरू होगा। पार्टी के तमाम नेता, मंत्री, सांसद व विधायक इसमें हिस्सा लेंगे। आंदोलन की शुरुआत और अंत के मौके पर खुद ममता मौजूद रहेंगी।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने दावा किया कि उनकी पार्टी अगले लोकसभा चुनावों में भाजपा को केंद्र की सत्ता से बेदखल कर देगी। उन्होंने कहा कि बंगाल में इस पार्टी को लोकसभा की एक सीट भी नहीं मिलेगी। उन्होंने तमाम विपक्षी दलों से अगले लोस चुनावों में भाजपा के मुकाबले के लिए एकजुट होने की अपील की।