ओडिशा के संबलपुर में एक प्रवासी मजदूर से जुड़े मामले के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज है। ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस ने जीरो FIR दर्ज की है और जांच के लिए टीम ओडिशा भेजी गई है। आइए विस्तार से जानते हैं।
ओडिशा के संबलपुर जिले में पश्चिम बंगाल के एक 30 वर्षीय प्रवासी मजदूर की कथित हत्या के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को कहा कि मामले में 'जीरो FIR' दर्ज की जा चुकी है और जांच के लिए राज्य पुलिस की एक टीम ओडिशा भेजी गई है।
मुख्यमंत्री ने बीजेपी-शासित राज्यों में बंगाली भाषी लोगों के खिलाफ जबरन उत्पीड़न और हिंसा की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के जांगीपुर क्षेत्र (मुर्शिदाबाद) से गए प्रवासी मजदूरों को संबलपुर में गंभीर अत्याचारों का सामना करना पड़ा है।
ममता बनर्जी के मुताबिक, बुधवार 24 दिसंबर को बीड़ी को लेकर हुए कथित विवाद के बाद युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने सूती थाने में जीरो FIR दर्ज कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि जांच के लिए राज्य पुलिस की एक टीम ओडिशा भेजी गई है।
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मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि मैं बीजेपी-शासित राज्यों में बंगाली भाषी लोगों के खिलाफ हो रहे अमानवीय व्यवहार की कड़ी निंदा करती हूं। हम उन प्रवासी बंगाली परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं जिन्हें डराया-धमकाया गया और पीड़ित किया गया।
प्रवासी मजदूर भय के माहौल में वापस लौट रहे हैं
उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम बहुल मुर्शिदाबाद से गए प्रवासी मजदूर भय के माहौल में वापस लौट रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि बंगाली भाषा बोलना कभी अपराध नहीं हो सकता।