भारत में वॉन्टेड उद्योगपति विजय माल्या गिरफ्तार होने के कुछ ही घंटों के भीतर जमानत पर छोड़ दिए गए हैं। हाईप्रोफाईल कारोबारी माल्या को आठ लाख डॉलर (करीब 5 करोड़ रुपये) की जमानत पर रिहा किया गया। साथ ही उन्हें अपना पासपोर्ट सौंपने का आदेश भी दिया गया।दिल्ली में अधिकारियों के प्रत्यर्पण आवेदन पर वो कोर्ट में पेश होने आए थे। समाचार एजेंसी प्रेस एसोसिएशन और पीटीआई ने माल्या को जमानत पर छोड़े जाने की खबर की पुष्टि की है। पीटीआई के मुताबिक माल्या को प्रत्यर्पण वॉरंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। इस बीच उद्योगपति माल्या ने ट्वीट किया, "हमेशा की तरह भारतीय मीडिया का शोरशराबा। कोर्ट में प्रत्यर्पण की कार्रवाई उम्मीद के मुताबिक आज शुरू।"
लदंन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस की तरफ से कहा गया कि भारत की तरफ से ये गिरफ्तारी की गई थी। उन्हें वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में मंगलवार को ही पेश किया गया जहां माल्या को जमानत मिल गई।
माल्या पर बैंकों का 9000 करोड़ रुपये का कर्ज न चुका पाने का आरोप
ब्रितानी कोर्ट
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माल्या को भारत में पहले ही 'विलफुल डिफॉल्टर' घोषित किया जा चुका है। माल्या ने दो मार्च, 2016 को भारत छोड़ा था और तब से ही वे लंदन में रह रहे हैं। उन पर भारत में बैंकों का 9000 करोड़ रुपये का कर्ज न चुका पाने का आरोप है।इसी महीने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की अगुवाई वाले कंसोर्टियम ने माल्या का गोवा स्थित किंगफिशर विला नीलाम किया था। इस बंगले को तय राशि से कम कीमत में 73 करोड़ रुपये में बेचा गया।
माल्या के खिलाफ भारत की कई अदालतों ने जारी कर रखा है वॉरंट
किंगफिशर विला
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विजय माल्या के खिलाफ भारत की कई अदालतों ने वॉरंट जारी कर रखा है। प्रवर्तन निदेशालय माल्या के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों की तफ्तीश कर रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सितंबर, 2016 में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच के तहत उद्योगपति विजय माल्या की परिसम्पत्तियां जब्त की थी। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक जब्त की गई परिसम्पत्तियों की कीमत 6630 करोड़ रुपये थी।