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Rajyasabha: राज्यसभा में प्रेरणा स्थल को लेकर वार-पलटवार, किरेन रिजिजू के जवाब पर बोले खरगे- उन्हें नहीं पता

Mon, 01 Jul 2024 02:29 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

Rajyasabha: संसद सत्र के छठे दिन राज्यसभा में की मुद्दों पर पक्ष-विपक्ष के बीच में चर्चा हो रही है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे संसद परिसर में मौजूद देश के महान विभूतियों को हटाने को लेकर सवाल खड़ा किया। 
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राज्यसभा में प्रेरणा स्थल को लेकर वार-पलटवार - फोटो : X/ @kharge
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विस्तार
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सोमवार को संसद में प्रेरणा स्थल मुद्दे पर कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बीच जमकर बहस हुई। दरअसल मल्लिकार्जुन खड़गे ने महात्मा गांधी और डॉ. बीआर अंबेडकर समेत राष्ट्रीय प्रतीकों की मूर्तियों को संसद परिसर के सामने से पीछे की ओर ले जाने का उल्लेख है। वहीं राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के सवाल पर जवाब और विपक्ष के विरोध पर निशाना साधते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि मूर्तियों को सही जगह पर रखा गया है। मूर्तियों को एकांत क्षेत्र में नहीं रखा गया है, बल्कि एक उचित निर्दिष्ट क्षेत्र 'प्रेरणा स्थल' में रखा गया है, जहां सभी महत्वपूर्ण नेताओं की मूर्तियां रखी जाती हैं।
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'समिति के सदस्यों के साथ होनी चाहिए थी चर्चा'
इस पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने पलटवार करते हुए कहा, उन्हें नहीं पता, उन्हें समिति के बारे में नहीं पता। इस फैसले से पहले समिति के सदस्यों के साथ चर्चा की जानी चाहिए थी। फिर सभी कार्रवाई बाद में की जानी चाहिए थी। दरअसल कांग्रेस प्रमुख लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि मूर्तियों (लगभग 50) को स्थानांतरित करने की घोषणा के बाद से सरकार प्रोटोकॉल का पालन करने में विफल रही है। 

खरगे ने सरकार के फैसले को बताया 'मनमाना'
वहीं पिछले महीने उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक विस्तृत बयान जारी किया, जिसमें तर्क दिया कि केंद्र सरकार का 'मनमाना कदम "हमारे लोकतंत्र की मूल भावना का उल्लंघन करता है। संसद भवन परिसर में प्रत्येक मूर्ति और उसका स्थान बहुत मूल्यवान और महत्वपूर्ण है। यह सब अब मनमाने और एकतरफा तरीके से खत्म कर दिया गया है। संसद परिसर में राष्ट्रीय नेताओं और सांसदों के चित्र और मूर्तियां स्थापित करने के लिए एक समर्पित समिति है। जिसमें दोनों सदनों के सांसद शामिल हैं। हालांकि, 2019 के बाद से समिति का पुनर्गठन नहीं किया गया है। 
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पिछले महीने उपराष्ट्रपति ने किया था उद्घाटन
बता दें कि इस मामले में विपक्ष के सवाल पर लोकसभा सचिवालय ने कहा कि यह बदलाव इसलिए किया गया क्योंकि आगंतुक इन मूर्तियों को सुविधाजनक तरीके से नहीं देख पा रहे थे। इस कारण से, सभी मूर्तियों को सम्मानपूर्वक एक भव्य प्रेरणा स्थल में स्थापित किया जा रहा है। जिसका उद्घाटन पिछले महीने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने किया, जिन्होंने इस स्थान को प्रेरक और प्रेरणादायक बताया था। वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा था कि लोगों को ऐसे महापुरुषों से प्रेरणा मिलती है। मुझे लगता है कि प्रेरणा स्थल हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।
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