2008 मालेगांव ब्लास्ट के आरोपों में घिरीं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर सिंह को बड़ी राहत मिली है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने स्पेशल कोर्ट को कहा है कि उनके बरी किए जाने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है। एनआईए के वकील अविनाश रसाल ने इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि साध्वी के खिलाफ योग्य सबूत नहीं है, इसलिए उनके रिहा होने से एनआईए को कोई आपत्ति नहीं है।
बता दें कि साध्वी की ओर से अपनी रिहाई पर कोर्ट में याचिका डाली गई है। मामले पर 29 मई को सुनवाई हो सकती है और ऐसे में साध्वी के लिए यह खुशखबरी से कम नहीं है। साध्वी ने निचली आदालत में जमानत के लिए याचिका दायर की थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने निचली अदालत के इस फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
साध्वी में अपनी अर्जी में कहा कि वह पिछले छह वर्षो से जेल में है। देश की दो जांच एजेंसियों ने कोर्ट में अलग- अलग निष्कर्ष पेश किए। इस स्थिति में उन्हें जेल में रखना ठीक नहीं है। गौरतलब है कि साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित 2008 में मालेगांव में हुए बम धमाकों के आरोपी हैं। इस हमले में चार लोग मारे गए थे जबकि 79 घायल हुए थे।