मलयेशिया के विदेश मंत्री जाम्ब्री अब्दुल कादिर भारत आए हुए हैं। इस दौरान, कादिर ने कहा कि भारत और मलयेशिया राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार करने के लिए एक रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। इसके साथ ही नए डोमेन और वस्तुओं को शामिल करने के लिए 12 साल पुराने व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते की समीक्षा करने की प्रक्रिया शुरू कर रहे हैं।
रविवार देर रात आए थे मंत्री
भारत की तीन दिवसीय यात्रा के समापन पर कादिर ने कहा कि दोनों पक्ष इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर्स, फिनटेक, नवीकरणीय ऊर्जा, नई प्रौद्योगिकी और स्टार्टअप जैसे नए और उभरते क्षेत्रों में व्यापार सहयोग बढ़ाने के इच्छुक हैं। वहीं, विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके मलेशियाई समकक्ष के बीच मंगलवार रात हुई बातचीत के दौरान संबंधों को और आगे बढ़ाने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
संस्थागत तंत्र को मजबूत करने में विश्वास
भगोड़े जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण की भारत की मलयेशिया से लंबित मांग के बारे में पूछे जाने पर कादिर ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि कुआलालंपुर किसी व्यक्ति पर ध्यान देने के बजाय सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए संस्थागत तंत्र को मजबूत करने में विश्वास रखता है। गौरतलब है, नाइक आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों और नफरत फैलाने वाले भाषणों के जरिए चरमपंथ को उकसाने समेत कई आरोपों में भारत में कई एजेंसियों की जांच का सामना कर रहा है। उसने साल 2016 में भारत छोड़ दिया था।
गैर-बासमती सफेद चावल देने...
कादिर ने हाल ही में 170,000 मीट्रिक टन गैर-बासमती सफेद चावल देने के लिए भारत आभार व्यक्त किया। भारत ने जुलाई में गैर-बासमती सफेद चावल के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन पिछले महीने कुछ देशों के लिए प्रतिबंध हटा दिया गया था।
दक्षिण चीन सागर को टकराव का मुद्दा नहीं बनने देना चाहते
चीन की बढ़ती आक्रामकता के मद्देनजर दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बारे में पूछे जाने पर कादिर ने कहा कि मलयेशिया और आसियान के अन्य सदस्य देश इस क्षेत्र को टकराव का मुद्दा नहीं बनने देना चाहते। भारत-मलयेशिया द्विपक्षीय व्यापार के विस्तार के लिए विभिन्न उपायों को सूचीबद्ध करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष राष्ट्रीय मुद्राओं में व्यापार करने के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप दे रहे हैं।
भारत-मलयेशिया संबंधों के लिए महत्वपूर्ण यात्रा
बता दें, मलयेशिया के विदेश मंत्री रविवार देर रात नई दिल्ली पहुंचे थे। यह उनकी पहली भारत यात्रा है। भारतीय अधिकारियों ने गर्मजोशी ने उनका स्वागत किया। कादिर रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने भारत के दौरे पर आए हैं। कादिर की यात्रा को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यह यात्रा महत्वपूर्ण राजनयिक महत्व रखती है। यह यात्रा भारत और मलयेशिया के बीच मौजूदा संबंधों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करती है।