मलयेशिया ने उस मीडिया रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि उसने विवादास्पद भारतीय प्रचारक जाकिर नाईक को नागरिकता प्रदान कर दी है। मलयेशिया ने कहा है कि उसकी नागरिकता हासिल करने में दशकों का समय लग जाता है।
मलयेशिया के उप गृह मंत्री दातुक नूर जजलान मोहम्मद ने रविवार को कहा कि उनके देश में किसी को भी तब तक स्वत: रूप से नागरिकता नहीं मिलती जब तक की वह मलयेशियाई माता-पिता की संतान न हो। साथ ही उन्होंने जाकिर नाईक को मलयेशिया की नागरिकता दिए जाने संबंधी मीडिया रिपोर्ट को खारिज कर दिया।
स्टार ऑनलाइन ने नूर के हवाले से कहा है कि मलयेशिया की नागरिकता हासिल करने के लिए बहुत सारी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है और इस काम में दशकों का समय लग जाता है। नूर ने कहा कि जाकिर नाईक दक्षिण-पूर्व एशिया के इतने महत्वपूर्ण धार्मिक व्यक्ति नहीं हैं कि उन्हें मलयेशिया की नागरिकता मिल जाए।
उन्होंने कहा कि मलयेशिया में पहले से इस्लाम का उदारवादी मॉडल है, जो लोगों की नरम संस्कृति में पूरी तरह से फिट बैठता है।