फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब 'पीएम नरेंद्र मोदी’ के निर्माता पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग के आदेश को दी चुनौती

Fri, 12 Apr 2019 07:49 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
modi biopic
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है जिसमें प्रधानमंत्री के जीवन पर आधारित फिल्म 'पीएम नरेंद्र मोदी' स्क्रीनिंग पर रोक लगाने के चुनाव आयोग के आदेश को चुनौती दी गई है। याचिका फिल्म के निर्माताओं की ओर से दायर की गई है। न्यायालय इस मामले पर 15 अप्रैल को सुनवाई करेगा। 

विज्ञापन


चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने इस याचिका पर सोमवार को सुनने का निर्णय लिया है। फिल्म के निर्माताओं ने अपनी याचिका में कहा है कि आयोग का निर्णय सही नहीं है। याचिका में कहा गया कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के विपरीत है।

मालूम हो कि चुनाव आयोग ने 10 अप्रैल को चुनाव के दौरान इस फिल्म की स्क्रीनिंग पर रोक लगा दी थी। साथ ही आयोग ने फिल्म के दो मिनट के ट्रेलर पर भी रोक लगा दी थी।  आयोग ने कहा था कि इस समय चुनाव के मौके पर ऐसा किसी फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं हो सकती जो राजनीतिक व्यक्ति के उद्देश्यों को पूरा करता हो।
विज्ञापन


फिल्म 11 अप्रैल को रिलीज होने वाली थी। विपक्ष लगातार फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग कर रहा था क्योंकि उसका कहना है ये आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। फिल्म की रिलीज से एक पार्टी या व्यक्ति विशेष के प्रति मतदाता प्रभावित होंगे।

इससे पहले इस फिल्म पर रोक लगाने वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने तब कहा था कि इस फिल्म को अब तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से प्रमाणन नहीं मिला है, लिहाजा यह याचिका अपरिपक्व है।

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने मंगलवार को फिल्म को यू सर्टिफिकेट दिया था और अब यह सुनिश्चित करना निर्माताओं के हाथ में था कि वह उसे पूर्व निर्धारित तारीख पर रिलीज करते हैं या नहीं। 

लोकसभा चुनाव के मद्देनजर में पूरे देश में आदर्श आचार संहिता लागू है। फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए उच्चतम न्यायालय में कांग्रेस कार्यकर्ता ने याचिका दाखिल की थी। जिसपर मंगलवार को सुनवाई करते हुए न्यायालय ने याचिका को खारिज कर दिया था।

न्यायालय ने कहा था कि अगर फिल्म 11 अप्रैल को रिलीज होती है जैसा कि कांग्रेस कार्यकर्ता ने दावा किया है तो भी यह उचित होगा कि वह निर्वाचन आयोग के पास जाएं। यह फैसला चुनाव आयोग को करना है कि क्या फिल्म आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करती है या नहीं। 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें