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Make India No. 1: CM केजरीवाल करेंगे यह खास यात्रा, क्या कांग्रेस के भारत जोड़ो अभियान को कमजोर करने की चाल?

अमित शर्मा
Updated Thu, 01 Sep 2022 11:18 PM IST

सार

Make India No. 1: राजनीतिक विश्लेषक आरोप लगाते हैं कि आम आदमी पार्टी को जरूरत से ज्यादा प्रचार देना भी भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा है। इससे वह कांग्रेस को कमजोर करने में कामयाब हो सकती है। यदि गुजरात में आम आदमी पार्टी मजबूत होती है तो इससे विपक्ष का वोट बंटेगा, इससे कांग्रेस कमजोर होगी...
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Make India No. 1: Arvind Kejriwal and Rahul Gandhi - फोटो : Agency (File Photo)


इस समय दिल्ली में ‘भाजपा बनाम आम आदमी पार्टी’ की लड़ाई चर्चा का विषय बनी हुई है। शराब नीति, विधायकों को खरीदने, सरकार को गिराने और उपराज्यपाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने जैसे तमाम मुद्दों पर आम आदमी पार्टी के नेता भाजपा को लगातार घेरते हुए देखे जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इससे आम आदमी पार्टी का राष्ट्रीय स्तर पर ग्राफ बढ़ रहा है। मीडिया में इस तरह चर्चा में बने रहने से पार्टी को गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भी लाभ मिल सकता है, जहां इसी साल के अंत में चुनाव होने हैं।


हालांकि, कुछ राजनीतिक विश्लेषक आरोप लगाते हैं कि आम आदमी पार्टी को जरूरत से ज्यादा प्रचार देना भी भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा है। इससे वह कांग्रेस को कमजोर करने में कामयाब हो सकती है। यदि गुजरात में आम आदमी पार्टी मजबूत होती है तो इससे विपक्ष का वोट बंटेगा, इससे कांग्रेस कमजोर होगी, जिसका सीधा फायदा भाजपा को होगा और उसकी जीत की राह ज्यादा आसान हो जाएगी।

विपक्ष का नेता कौन

अरविंद केजरीवाल की रणनीति है कि अपनी लोकप्रियता के बल पर वे 2024 में विपक्षी दलों के सर्वमान्य नेता के तौर पर उभर जाएं। लेकिन इसके लिए कितने राजनीतिक दल सहमत होंगे, कहा नहीं जा सकता। ध्यान रखा जाना चाहिए कि तमाम कमजोरियों के बाद भी कांग्रेस इस समय भी पूरे देश में सबसे मजबूत विपक्षी पार्टी बनी हुई है। शरद पवार कह चुके हैं कि कांग्रेस के बिना 2024 के लिए मजबूत विपक्ष की कल्पना करना संभव नहीं है। शरद पवार का यह बयान इस सच्चाई पर आधारित है कि कमजोर हालत में भी कांग्रेस को लगभग हर राज्य में वोट मिल रहे हैं।



2019 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद भी वह 19.49 फीसदी शेयर के साथ 11.94 करोड़ लोकप्रिय वोट हासिल करने में कामयाब रही थी। यदि कांग्रेस एक भी बड़ा मुद्दा जनता के बीच हिट कराने में कामयाब हो जाए, तो इस वोट प्रतिशत को बढ़ाने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। भाजपा के लिए यह स्थिति मुश्किलों वाली साबित हो सकती है। भाजपा के रणनीतिकार जानते हैं कि कांग्रेस और गांधी परिवार के विपक्ष की राजनीति के केंद्र में होने पर यह कभी भी संभव हो सकता है, लिहाजा एक सोची समझी रणनीति के तहत कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।


आम आदमी पार्टी की बढ़त भाजपा को अपने इस उद्देश्य में कामयाब होने की राह दिखा सकती है। यहां यह भी देखा जा सकता है कि आम आदमी पार्टी उन्हीं राज्यों में ज्यादा मजबूत लड़ाई लड़ रही है जहां भाजपा के मुकाबले में कांग्रेस है। जैसे दिल्ली, पंजाब और गुजरात। लेकिन वह उन राज्यों में लड़ती हुई नहीं देखी जा रही है जहां दूसरे विपक्षी दल भाजपा से लड़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु या आंध्रप्रदेश को इन राज्यों में देखा जा सकता है। माना जा रहा है कि कांग्रेस को मुख्य लड़ाई में कमजोर करने के लिए ही केजरीवाल को जानबूझकर आगे बढ़ाया जा रहा है, या बढ़ने दिया जा रहा है।

केजरीवाल बनाम योगेंद्र यादव की लड़ाई भी

माना जाता है कि कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का पूरा प्लान योगेंद्र यादव ने बनाया है, जो लंबे समय से विभिन्न आंदोलनों को संचालित करने में प्रमुख भूमिका निभाते हुए देखे गए हैं। अन्ना आंदोलन में भी उन्होंने बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। हाल ही में संयुक्त किसान मोर्चा के किसान आंदोलन में भी वे बेहद सक्रिय भूमिका में शामिल थे। इस आंदोलन की सफलता के कारण केंद्र सरकार को अपने तीनों विवादित कृषि कानूनों को वापस लेने का फैसला करना पड़ा।



अपने ट्रैक रिकॉर्ड पर खरा उतरते हुए यदि योगेंद्र यादव कांग्रेस के भारत जोड़ो अभियान को सफल बनाने में कामयाब रहते हैं, तो इससे राहुल गांधी और कांग्रेस की 2024 में दावेदारी मजबूत हो सकती है। इससे अरविंद केजरीवाल की राजनीतिक उम्मीदों को झटका लग सकता है। लिहाजा माना जा रहा है कि कांग्रेस के अभियान को फ्यूज कर अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहते हैं और यही कारण है कि उन्होंने अपने अभियान के लिए सात सितंबर की तारीख चुनी है।


चूंकि, अरविंद केजरीवाल स्वयं भी उसी कैंप के नेता माने जाते हैं, जहां से योगेंद्र यादव निकले हैं, वे योगेंद्र यादव के दांव-पेंच बेहतर ढंग से समझते हैं और अपनी रणनीति से वे योगेंद्र यादव के प्लान को कमजोर कर सकते हैं। लिहाजा चर्चा है कि कांग्रेस के प्लान को कमजोर करने के लिए अरविंद केजरीवाल को आगे बढ़ाया जा रहा है।  

योगेंद्र यादव ने कहा

अरविंद केजरीवाल की इस रणनीति पर प्रश्न किए जाने पर योगेंद्र यादव ने अमर उजाला से कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है। यहां हर व्यक्ति और हर राजनीतिक दल को देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचने की कोशिश करने का अधिकार है। यदि अरविंद केजरीवाल या आम आदमी पार्टी इस तरह की कोशिश कर रहे हैं तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। लेकिन उन्हें बताना चाहिए कि देश को नंबर वन बनाने का उनका विजन और प्लान क्या है? वे किस तरह देश को नंबर वन बना सकते हैं, उन्हें अपनी सोच जनता को बतानी चाहिए।  

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उन्होंने आगे कहा कि अरविंद केजरीवाल अपनी पुस्तक ‘स्वराज’ में पहले भी भारत को एक बेहतर राष्ट्र बनाने का प्लान पेश कर चुके हैं। उन्हें बताना चाहिए कि दिल्ली में इस विजन को पूरा करने की दिशा में क्या कोशिश की गई। योगेंद्र यादव की यह टिप्पणी इस अर्थ में महत्त्वपूर्ण है कि अरविंद केजरीवाल के राजनीतिक गुरु अन्ना हजारे ने दो दिन पहले ही पत्र लिखकर अरविंद केजरीवाल पर उनकी कथनी-करनी में भेद होने का आरोप लगा चुके हैं।  


योगेंद्र यादव ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी भी पहले ही देश को दुनिया में नंबर वन बनाने की बात करते रहे हैं। अब अरविंद केजरीवाल भी इसी लाइन में खड़े हो गए हैं। लेकिन देश की बड़ी जनता पहले ही मोदी मॉडल से परेशान है। कहीं जनता के सामने यह स्थिति न पैदा हो जाए कि उसे बड़े मोदी और छोटे मोदी में से किसी एक को चुनना पड़े, इसकी कोशिश की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को नंबर वन बनाने के लिए जितने भी लोग सामने आएं, उनका स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन यह पश्चिमी मॉडल की सस्ती नकल नहीं, बल्कि भारत की धर्म-संस्कृति को समझते हुए अपनी सोच पर आधारित होना चाहिए।

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