‘दुनिया की फॉर्मेसी’ बनने की राह पर भारत का दवा कारोबार सालाना 41 हजार करोड़ रुपये है लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गांबिया जैसी घटनाएं विश्व स्तर पर इस कारोबार को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। विशेषज्ञ सवाल खड़े कर रहे हैं कि भारत से फार्मा निर्यात के गुणवत्ता आश्वासन के लिए कौन जिम्मेदार है?
जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता
भारत दुनिया में दवाओं का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक और जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। अफ्रीका की 50% से अधिक जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति भारत करता है। वहीं, अमेरिका में जेनेरिक दवाओं मांग का लगभग 40% और यूके में सभी दवाओं की 25% आपूर्ति भारत करता है। इसी कारोबार का हवाला देते हुए विशेषज्ञ दोषियों कंपनियों के खिलाफ सख्ती से निपटने की मांग कर रहे हैं।
मेडेन फार्मास्युटिकल्स ने जारी किया बयान
म्बिया में कथित तौर पर खांसी की दवाई के कारण 66 बच्चों की मौत पर मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड ने बयान जारी किया। बयान में कहा गया कि हम घरेलू बाजार में कुछ नहीं बेच रहे हैं। हम प्रमाणित और प्रतिष्ठित कंपनियों से कच्चा माल प्राप्त करते हैं। सीडीएससीओ के अधिकारियों ने नमूने लिए हैं और हम परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।