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Pharmacy: 10 साल में 8 बार मेडेन के दवा सैंपल फेल, कंपनी बोली- परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे

Sat, 08 Oct 2022 05:36 AM IST
Jeet Kumar परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।

सार

गुजरात, हरियाणा, बिहार, केरल और जम्मू-कश्मीर में इसके उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। गुजरात-केरल में ही छह बार कंपनी के सैंपल फेल हुए हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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‘दुनिया की फॉर्मेसी’ बनने की राह पर भारत का दवा कारोबार सालाना 41 हजार करोड़ रुपये है लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गांबिया जैसी घटनाएं विश्व स्तर पर इस कारोबार को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। विशेषज्ञ सवाल खड़े कर रहे हैं कि भारत से फार्मा निर्यात के गुणवत्ता आश्वासन के लिए कौन जिम्मेदार है?

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तीन दशक पुरानी कंपनी मेडेन की हिमाचल के बद्दी व कुंडली स्थित फैक्ट्री संचालित हैं। जन स्वास्थ्य कार्यकर्ता डॉ. दिनेश ठाकुर ने बताया कि मेडेन की यह घटना पहली नहीं है। गुजरात, हरियाणा, बिहार, केरल और जम्मू-कश्मीर में इसके उत्पादों पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। गुजरात-केरल में ही छह बार कंपनी के सैंपल फेल हुए हैं। 

इसी तरह बिहार व जम्मू-कश्मीर ने कंपनी के सिरप पर रोक लगा दी थी। वहीं, 2014 में वियतनाम की सरकार ने 39 भारतीय दवा कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया, जिसमें एक यह भी शामिल है। डॉ. दिनेश ठाकुर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि दवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत दवा नियंत्रक की आवश्यकता है।
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नई दिल्ली स्थित आईजीआईबी के वैज्ञानिक डॉ. विनोद स्कारिया ने ट्विटर पर कहा, भारत को तत्काल मजबूत ड्रग कंट्रोलर अथॉरिटी की जरूरत है।

41 हजार करोड़ रुपये का है भारत का कुल दवा उद्योग कारोबार

  • 3,000 दवा कंपनियां और लगभग 10,500 फैक्टरियां शामिल हैं घरेलू दवा उद्योग में
  • 20 हजार करोड़ रुपये था इस साल मार्च माह तक भारत का दवा निर्यात कारोबार जो 2021 में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक है


जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता
भारत दुनिया में दवाओं का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक और जेनेरिक दवाओं का सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है। अफ्रीका की 50% से अधिक जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति भारत करता है। वहीं, अमेरिका में जेनेरिक दवाओं मांग का लगभग 40% और यूके में सभी दवाओं की 25% आपूर्ति भारत करता है। इसी कारोबार का हवाला देते हुए विशेषज्ञ दोषियों कंपनियों के खिलाफ सख्ती से निपटने की मांग कर रहे हैं।

मेडेन फार्मास्युटिकल्स ने जारी किया बयान
म्बिया में कथित तौर पर खांसी की दवाई के कारण 66 बच्चों की मौत पर मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड ने बयान जारी किया। बयान में कहा गया कि हम घरेलू बाजार में कुछ नहीं बेच रहे हैं। हम प्रमाणित और प्रतिष्ठित कंपनियों से कच्चा माल प्राप्त करते हैं। सीडीएससीओ के अधिकारियों ने नमूने लिए हैं और हम परिणामों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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