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फर्जी नौकरी रैकेट : भारत ने कंबोडिया से 80 और म्यांमार से 50 लोगों को छुड़ाया, बागची बोले- जल्द लाएंगे स्वदेश

Sat, 08 Oct 2022 05:33 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

भारतीय नागरिकों को उनके फर्जी नौकरी के रैकेट से मुक्त कराया गया है और वे म्यांमार के अधिकारियों की हिरासत में हैं और उनकी वापसी के लिए कानूनी औपचारिकताएं शुरू की गई हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : Istock
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विस्तार
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विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि म्यांमार से लगभग 50 और कंबोडिया से 80 लोगों को नकली नौकरी के रैकेट से आजाद कराया गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने एजेंसी से कहा अब तक काफी लोगों को बचाया गया है। हम दूसरों को भी वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे पास म्यांमार में बंदी बनाए गए लोगों की सही संख्या नहीं है। हम वहां कई भारतीयों के संपर्क में हैं। 

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उन्होंने आगे कहा कि इनमें से कुछ को म्यांमार की कैद से रिहा कर दिया गया है और कुछ म्यांमार पुलिस के पास हैं क्योंकि उन्होंने अवैध रूप से देश में प्रवेश किया था। लाओस और कंबोडिया में इसी तरह के नौकरी रैकेट के उदाहरणों पर बागची ने कहा कि वियतनाम, नोम पेन्ह और बैंकॉक में हमारे दूतावास वहां से लोगों को वापस लाने में मदद कर रहे हैं। बागची ने कहा कि हमने इस संबंध में सलाह जारी की है। उन्होंने कहा कि मैं सभी को बेहद सावधान रहने की सलाह देना चाहता हूं। 

आप किसी तरह की संदिग्ध नौकरियां स्वीकार न करें, क्योंकि एक बार जब आप वहां फंस जाते हैं तो आपको वापस लाना बहुत मुश्किल हो जाता है। इससे पहले, भारत ने बुधवार को कहा था कि उसने म्यांमार में फर्जी नौकरी रैकेट में फंसे लगभग 45 भारतीयों को बचाया है। यह जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने साझा की थी और दोहराया था कि भारत म्यांमार में फर्जी नौकरी रैकेट में फंसे भारतीयों के मामले को सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहा है।
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एजेंटों पर भी कसेगा शिकंजा
बागची ने न सिर्फ फर्जी नौकरी के रैकेट से लोगों को वापस लाने की बात कही बल्कि भारत में मौजूद ऐसे एजेंटों पर भी शिकंजा कसने के संकेत दिए जो लोगों को बाहर भेजने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ और भारतीय नागरिकों को उनके फर्जी नौकरी के रैकेट से मुक्त कराया गया है और वे म्यांमार के अधिकारियों की हिरासत में हैं और उनकी वापसी के लिए कानूनी औपचारिकताएं शुरू की गई हैं। बागची ने एजेंसी को बताया कि इस जॉब रैकेट में कथित रूप से शामिल एजेंटों का विवरण तैयार किया गया है और उन पर उचित कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

सावधनी बरतने की हिदायत
बागची ने आगे भारतीय नागरिकों को विदेशों में रोजगार के संदिग्ध प्रस्तावों को स्वीकार करने से पहले क्रॉस-चेक करने और ऐसी नौकरियों के खिलाफ अत्यधिक सावधानी बरतने की चेतावनी दी। इससे पहले सितंबर में, भारतीय नागरिकों को एक सलाह में विदेश मंत्रालय ने आईटी कुशल युवाओं को आगाह किया था जो इस तरह के नकली नौकरी रैकेट के लक्ष्य थे।

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