यूपी विधानसभा चुनाव 2017 में ‘सबका साथ-सबका विकास’ का नारा लेकर उतर रही भाजपा इस वक्त किसी भी गलती को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। रविवार को दलित विरोधी बयान देकर खलबली मचा देने वाली महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष मधु मिश्रा को पार्टी ने सोमवार को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है।
इस निष्कासन के बाद भी मधु मिश्रा पर जबरदस्त सियासी हमले जारी हैं। कांग्रेस, नगर सफाई मजदूर संघ सहित अन्य संगठनों ने मधु मिश्रा और सांसद सतीश गौतम के पुतले फूंक कर भाजपा मुर्दाबाद के नारे लगाए। बसपा, सपा और रालोद ने भी मधु मिश्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा में भी अंदरखाने इस बयान को लेकर जबरदस्त विरोध हो रहा है। भाजपा के नेता राजीव भारती ने पत्रकारों को बताया कि सुबह ही उन्होंने भाजपा के एससी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी मकवाना और उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री सुनील बंसल को इसकी जानकारी दी।
अमर उजाला में छपी खबर की फोटो व्हाटस एप से उनके मोबाइल फोन पर भेजी गई। जिसके बाद प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक कार्रवाई हुई। भाजपा में सभी धर्मो और जातियों का पूरा सम्मान करती है। इस तरह के बयान मधु मिश्रा की व्यक्तिगत राय हैं जिसका पार्टी से कोई लेना देना नहीं है। भाजपा जिलाध्यक्ष नत्थी सिंह ने भी इस बयान की निंदा की है।
विवादित बोल
‘साथियों आप सब यहां बैठे हैं। यहां कुछ व्रिप बंधुओं अलावा भी लोग बैठे हैं। मैं उनसे क्षमा चाहती हूं..। आज तुम्हारे सिर पर बैठ कर संविधान के सहारे जो राज कर रहे हैं। याद करो.. वो कभी तुम्हारे जूते साफ किया करते थे। आज तुम्हारे हुजूर हो गये हैं..। क्यों..? हम बंट गए..। हम विभाजित हो गये..। मेरे छोटे भाई सतीश गौतम को शायद आज से 40 वर्ष बाद का भारत दिख रहा है। कि तुम्हारे बच्चे फिर गुलाम न हो जाएं। कहीं फिर से हुजूर न कहने लगे उन्हें, जिन्हें तुम अपने बराबर में बैठाना पसंद नहीं करते। उठो जागो और जब तक अपने अधिकार ले न ले लो तब तक सतीश गौतम की तर्ज पर युद्ध करते रहो..।
-मधु मिश्रा (परशुराम सेवा संस्थान की ओर से रविवार 3 अप्रैल 2016 को रामलीला मैदान में आयोजित व्रिप सम्मेलन एवं होली मिलन समारोह में दिए गए भाषण के अंश।)