महाराष्ट्र के पालघर जिले में तीन लोगों की पीट-पीटकर हत्या के मामले में सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र सरकार से रिपोर्ट मांगी है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उद्धव से बात करके दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा था। वहीं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन की धमकी दी है। जबकि हनुमानगढ़ी के पुजारी राजू दास धरने पर बैठ गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने घटना के संबंध में दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
शाह ने की ठाकरे से बात
पालघर घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात की। मंत्रालय ने राज्य सरकार से इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।
योगी आदित्यनाथ ने उद्धव ठाकरे से की बात
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पालघर की घटना को लेकर रविवार शाम को उद्धव ठाकरे से बात की। जिसकी जानकारी देते हुए उन्होंने लिखा, 'पालघर, महाराष्ट्र में हुई जूना अखाड़ा के संतों स्वामी कल्पवृक्ष गिरि जी, स्वामी सुशील गिरि जी व उनके ड्राइवर नीलेश तेलगड़े जी की हत्या के संबंध में कल शाम महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री उद्धव ठाकरे जी से बात की और घटना के जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हेतु आग्रह किया।'
सांप्रदायिक नहीं है पालघर की घटना: ठाकरे
पालघर की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा, 'हमने दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है और मामले की जांच के लिए एडीजी सीआईडी अपराध अतुलचंद्र कुलकर्णी को नियुक्त किया गया है। इस पूरी घटना में कुछ भी सांप्रदायिक नहीं है। मैंने आज सुबह अमित शाह जी से इसपर बात की।'
110 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज
पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए ग्रामीणों और 110 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जिनमें से 101 को 30 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है और नौ नाबालिगों को एक किशोर आश्रय गृह में भेज दिया गया है।
कांग्रेस का भाजपा पर निशाना
वहीं, कांग्रेस ने भाजपा पर पालघर में हुई घटना पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा इस मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है जो शर्मनाक है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और पार्टी एक सुर में इसकी निंदा करती है।
उन्होंने एक बयान में कहा, यह किसी भी तरह से कोई सांप्रदायिक या हिंदू-मुस्लिम मामला नहीं है जैसा कि उन लोगों द्वारा इसे पेश करने की कोशिश हो रही है जो ऐसी हर घटना में सांप्रदायिक आग भड़काने का मौका तलाशते हैं। हम ऐसे सभी लोगों और राजनीतिक दलों व मीडिया के एक वर्ग समेत सभी ऐसे समूहों से ऐसा करने से बचने का अनुरोध करते हैं।