शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के मंत्री अनिल परब ने आज पूछताछ के लिए ईडी के सामने पूछताछ के लिए पेश नहीं होंगे। वह मुंबई से बाहर हैं।
परब ने बताया कि उनके वकील पेश नहीं हो पाने को लेकर सूचना ईडी को देंगे। परब ने कहा कि वे पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मुंबई से बाहर हैं। यह मामला महाराष्ट्र के रत्नागिरि जिले के दापोली इलाके के एक रिजॉर्ट के निर्माण में तटीय विनियमन क्षेत्र के प्रावधानों के कथित उल्लंघन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का है। ईडी ने राज्य के परिवहन मंत्री अनिल परब को 15 जून को मुंबई में पूछताछ के लिए तलब किया था। ईडी ने परब को भेजे समन में कहा था कि वह मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत उनसे पूछताछ कर बयान दर्ज करना चाहती है।
ईडी ने पिछले माह मारे थे छापे
ईडी ने मई में परब और उनसे कथित तौर पर जुड़े लोगों के परिसरों पर छापेमारी की थी। उनके और अन्य के खिलाफ पीएमएलए के तहत एक नया मामला दर्ज किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई थी। 57 वर्षीय परब महाराष्ट्र में शिवसेना के नेता और तीन बार के विधान परिषद सदस्य हैं।
किरीट सोमैया ने की थी शिकायत
दापोली में परब द्वारा बनाए गए अवैध रिजॉर्ट को लेकर पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने अधिकारियों से कई शिकायतें की थीं। मार्च में आयकर विभाग ने इस सिलसिले में छापेमारी की थी। विभाग को कुछ कागजात मिले थे। इसके मुताबिक परब ने दापोली में 2017 में एक करोड़ रुपये में जमीन खरीदी थी। इसके बाद 2019 में रजिस्टर हुई जमीन 2020 में 1.10 करोड़ रुपये में सदानंद कदम को बेच दी गई थी। जबकि आयकर का अनुमान है कि रिजॉर्ट बनाने में 6 करोड़ खर्च हुए थे। ईडी शिवसेना के सदानंद कदम और संजय कदम से भी पूछताछ कर चुकी है। कदम शिवसेना के पूर्व सांसद रामदास कदम के भाई हैं।