फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाराष्ट्र का सियासी संकट : देवेंद्र फडणवीस की ताजपोशी की तैयारी, उद्धव ठाकरे को साबित करना होगा बहुमत

Wed, 29 Jun 2022 05:46 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई/नई दिल्ली।

सार

शिवसेना के सूत्रों ने कहा कि राजभवन से बहुमत साबित करने का आदेश जारी होने के बाद पार्टी इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है और पहले 16 विधायकों की अयोग्यता पर फैसला होने की मांग उठा सकती है। वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम के मुताबिक, शिवसेना के शिंदे गुट ने खुद समर्थन वापसी का पत्र नहीं दिया है, बल्कि निर्दलीय विधायकों के जरिये सरकार के अल्पमत में होने का दावा किया है।
विज्ञापन
महाराष्ट्र में सियासी संकट। - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र में शिवसेना विधायकों की बगावत से अल्पमत में आई उद्धव ठाकरे सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार रात राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी को सरकार के अल्पमत में आने की चिट्ठी सौंपी। सूत्र बताते हैं, राजभवन 30 जून को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर बहुमत साबित करने का निर्देश दे सकता है। फडणवीस की अगुवाई में संभवत: इसी सप्ताह भाजपा सरकार बन सकती है।
विज्ञापन


राज्यपाल से मिलने के बाद फडणवीस ने कहा, महाविकास आघाड़ी सरकार शिवसेना के 39 विधायकों की बगावत के बाद अल्पमत में है। हमने राज्यपाल से सरकार को बहुमत साबित करने का निर्देश देने की मांग की है। गुवाहाटी में शिंदे खेमे में मौजूद आठ निर्दलीय विधायकों ने भी राज्यपाल को ईमेल भेजकर विधानसभा में शक्ति परीक्षण की मांग की।

इससे पहले, फडणवीस ने मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। भाजपा की पहले रणनीति थी कि बहुमत-परीक्षण से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव कराया जाए। लेकिन, मुलाकात के बाद तय हुआ कि भाजपा मंगलवार को ही कोश्यारी को चिट्ठी सौंप दे।
विज्ञापन


बताया जा रहा है कि भाजपा और शिंदे गुट के बीच सरकार गठन का फाॅर्मूला तय हो चुका है। संख्याबल को देखते हुए माना जा रहा है कि सीएम ठाकरे बहुमत साबित नहीं कर पाएंगे। भाजपा ने सभी विधायकों को 29 जून तक मुंबई पहुंचने के लिए कहा है। बागी गुट के विधायक भी बृहस्पतिवार तक मुंबई लौट सकते हैं।

जेठमलानी दे रहे हैं कानूनी सलाह
देवेंद्र फडणवीस के मंगलवार को दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात  के दौरान वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी भी मौजूद थे। शिंदे गुट के समर्थन से सरकार बनाने से जुडे़ सभी कानूनी पहलुओं पर भाजपा जेठमलानी से राय ले रही है।

उद्धव, आदित्य व राउत के खिलाफ याचिका
पुणे के सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत पाटिल ने बॉम्बे हाईकोर्ट में उद्धव ठाकरे, आदित्य ठाकरे और संजय राउत के खिलाफ सार्वजनिक शांति भंग करने और राजद्रोह के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग लेकर जनहित याचिका दायर की है।

एकनाथ होंगे उपमुख्यमंत्री
महाराष्ट्र की नई सरकार में फडणवीस को मुख्यमंत्री और एकनाथ शिंदे को उपमुख्यमंत्री बनाने पर सहमति बनी है।
  • शिंदे गुट : उपमुख्यमंत्री के अलावा 8 कैबिनेट व 5 राज्यमंत्री पद मिल सकते हैं।
  • भाजपा : मुख्यमंत्री सहित 29 मंत्री होंगे।
  • शिंदे गुट में 9 मंत्री हैं। ऩई सरकार में इन सभी का पद बरकरार रहेगा। अन्य विधायक भी मंत्री बन सकते हैं।
शिंदे बोले-जल्द ही लौटेंगे मुंबई
गुवाहाटी में एकनाथ शिंदे ने ठाकरे गुट के इन दावों को खारिज किया कि 20 बागी उनके संपर्क में हैं। शिंदे ने कहा, ऐसा है तो वे विधायकों के नाम बताएं। उन्होंने कहा, वह जल्द ही मुंबई लौटेंगे।



सियासत में पल-पल बदलता माहौल... उद्धव की अपील...आओ, बात करो
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बागी विधायकों से फिर भावुक अपील की। उन्होंने कहा, मुंबई वापस आइए, मेरे साथ बैठिए। आमने-सामने बैठकर बात करने से कोई रास्ता जरूर निकलेगा। मुझे अब भी आपकी चिंता है।
विज्ञापन

शिवसेना की सफाई...फडणवीस को उद्धव ने नहीं किया फोन
शिवसेना ने उन खबरों को बकवास बताया, जिनमें बताया है, सरकार बचाने के लिए उद्धव ने फडणवीस को फोन किया है। पार्टी ने कहा, खबरें झूठी हैं।

सरकारें आएंगी और जाएंगी, रिश्ता रहना चाहिए : एनसीपी
एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, सरकारें आएंगी और जाएंगी, लेकिन रिश्ते लंबे समय तक चलेंगे। उद्धव ने बड़े भाई की तरह अपील की है। अगर, वे (शिंदे गुट) बात करें तो समाधान निकल सकता है।

शक्ति-परीक्षण के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट जा सकती है शिवसेना
शिवसेना के सूत्रों ने कहा कि राजभवन से बहुमत साबित करने का आदेश जारी होने के बाद पार्टी इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है और पहले 16 विधायकों की अयोग्यता पर फैसला होने की मांग उठा सकती है। वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम के मुताबिक, शिवसेना के शिंदे गुट ने खुद समर्थन वापसी का पत्र नहीं दिया है, बल्कि निर्दलीय विधायकों के जरिये सरकार के अल्पमत में होने का दावा किया है। साथ ही, भाजपा ने भी पहल की है। ऐसे में अब राज्यपाल को सरकार को बहुमत साबित करने का निर्देश देना होगा। उद्धव गुट सुप्रीम कोर्ट जा सकता है, लेकिन शीर्ष अदालत शायद फ्लोर टेस्ट में हस्तक्षेप न करे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें