महाराष्ट्र में वायरल हो रही कथित ‘फ्रेंडशिप फाइल’ ऑडियो क्लिप को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने भाजपा और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक्स पर पोस्ट के जरिए उन्होंने आरोप लगाया कि क्लिप में भाजपा के कुछ पदाधिकारियों, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक वरिष्ठ पदाधिकारी और कुछ यूट्यूब इन्फ्लुएंसर्स के बीच कथित बातचीत है। ठाकरे ने कहा कि इसमें 500 करोड़ रुपये, मीडिया पर प्रभाव डालने और सरकार के खिलाफ उठने वाले मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए धार्मिक ध्रुवीकरण करने जैसी बातों का जिक्र होने का दावा किया जा रहा है।
राज ठाकरे ने भाजपा और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों पर क्या आरोप लगाए?
राज ठाकरे के मुताबिक, कथित ऑडियो क्लिप में भाजपा के सोशल मीडिया से जुड़े कुछ पदाधिकारियों, आरएसएस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी और खुद को निष्पक्ष राजनीतिक विश्लेषक बताने वाले कुछ यूट्यूब इन्फ्लुएंसर्स की बातचीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग भाजपा की ट्रोल आर्मी की तरह काम करते हैं। ठाकरे ने कहा कि करीब 29 मिनट की इस क्लिप में कथित तौर पर किसने किसे 500 करोड़ रुपये दिए, मीडिया पर प्रभाव कैसे डाला जाए और सरकार के खिलाफ कोई भावनात्मक मुद्दा सामने आने पर जनता का ध्यान कैसे भटकाया जाए, जैसी बातें शामिल हैं। हालांकि, इन आरोपों और क्लिप की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि दिए गए इनपुट में नहीं है।
500 करोड़ रुपये और मीडिया को लेकर राज ठाकरे ने क्या कहा?
राज ठाकरे ने कहा कि क्लिप में 500 करोड़ रुपये से जुड़ी कथित बातचीत सबसे ज्यादा चर्चा में है। उन्होंने मांग की कि इस रकम को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले को केवल 500 करोड़ रुपये तक सीमित नहीं रखना चाहिए। उनके मुताबिक, इस कथित बातचीत में मीडिया और प्रेस पर प्रभाव डालने की बात भी गंभीर है। ठाकरे ने भाजपा पर सोशल मीडिया और प्रेस पर दबाव बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उनके बयान का मुख्य मुद्दा यह था कि कथित ऑडियो में कही गई बातों की जांच होनी चाहिए और मीडिया को प्रभावित करने से जुड़े आरोपों पर भी चर्चा होनी चाहिए।
धार्मिक ध्रुवीकरण को लेकर राज ठाकरे ने क्या दावा किया?
राज ठाकरे ने आरोप लगाया कि कथित ऑडियो क्लिप में इस बात पर चर्चा होने का दावा है कि अगर सरकार के खिलाफ कोई भावनात्मक मुद्दा उठता है, तो जनता का ध्यान हटाने के लिए धार्मिक ध्रुवीकरण से जुड़ा नया मुद्दा कैसे खड़ा किया जाए। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर मामला बताया। ठाकरे ने कहा कि क्लिप में कही गई बातें सच हैं या नहीं, इसकी जांच जरूरी है। उनके बयान में यह आरोप भी शामिल था कि राजनीतिक उद्देश्यों के लिए मीडिया और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने के तरीके पर चर्चा हुई। इन दावों की पुष्टि होना अभी बाकी है।
मुख्यमंत्री की फॉरेंसिक जांच पर राज ठाकरे ने क्या सवाल उठाए?
राज ठाकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री ने ऑडियो क्लिप की फॉरेंसिक जांच कराने की बात कही है। उन्होंने माना कि रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता की जांच जरूरी है, लेकिन साथ ही सवाल उठाया कि यदि मुख्यमंत्री को कथित बातचीत की जानकारी नहीं थी, तो उनके पीछे क्या गतिविधियां चल रही थीं, इसकी भी जांच होनी चाहिए। ठाकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री के मुताबिक क्लिप करीब दो साल पुरानी हो सकती है। ऐसे में सवाल है कि यह अब सामने क्यों आई और इसे सार्वजनिक किसने किया। उन्होंने कहा कि इन सवालों के जवाब भी जांच का हिस्सा होने चाहिए।
राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री से क्या मांग की?
राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री से निष्पक्षता साबित करने और जांच के आधार पर की गई कार्रवाई की जानकारी देने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि फॉरेंसिक जांच की तकनीकी प्रक्रिया के नाम पर मामले को लंबे समय तक नहीं खींचा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, जांच तभी सार्थक होगी जब क्लिप की प्रामाणिकता स्पष्ट होने के साथ-साथ कथित बातचीत में उठे गंभीर सवालों पर भी कार्रवाई होगी। ठाकरे ने आशंका जताई कि अगर जांच का इस्तेमाल केवल सरकार के पक्ष में निष्कर्ष निकालने के लिए किया गया, तो उसका कोई वास्तविक अर्थ नहीं रह जाएगा। फिलहाल, क्लिप की प्रामाणिकता और इसमें लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।