महाराष्ट्र में भारी बारिश के बाद मुंबई एयरपोर्ट के आसपास जलभराव की स्थिति बनी, वहीं गुजरात के भरूच में भी अंडरपास पानी में डूब गया। उत्तराखंड में बारिश के तेज बहाव में चीन सीमा से जुड़ा 170 मीटर लंबा बेली ब्रिज बह गया, जिससे 35 गांवों की 30 हजार से ज्यादा आबादी प्रभावित हुई है। मिजोरम में भूस्खलन से एक किशोर की मौत हुई, जबकि बिहार में 48.22 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई राज्यों में फिर भारी बारिश का अनुमान जताया है।
महाराष्ट्र में भारी बारिश के बाद मुंबई में कई जगह पानी भर गया है। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के आसपास भीषण जलभराव देखने को मिला। बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। गुजरात के भरूच में भी देर रात हुई तेज बारिश के बाद कासक अंडरपास में भारी जलभराव हो गया। तस्वीरें बता रही हैं कि कई इलाकों में बारिश के बाद पानी निकालना बड़ी चुनौती बन गया है।
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उत्तराखंड में बारिश ने चीन सीमा का संपर्क काट दिया
बारिश का सबसे बड़ा असर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में देखने को मिला है। तवाघाट-गुंजी हाईवे पर कुलागाड़ में बना 170 मीटर लंबा बेली ब्रिज तेज बहाव में बह गया। यह पुल दारमा, व्यास और चौदास घाटियों को जोड़ता था। पुल टूटने के बाद तीनों घाटियों का संपर्क पूरी तरह कट गया है। इसका असर चीन सीमा से जुड़े 35 गांवों की 30 हजार से ज्यादा आबादी पर पड़ा है। सीमा पर तैनात सैनिकों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं।
बीआरओ ने चार सितंबर को ही पुल तैयार किया था, जिसके जरिए चीन सीमा से लगी तीनों घाटियों का संपर्क बहाल हुआ था।
35 गांवों की 30 हजार से ज्यादा आबादी प्रभावित, पुल टूटने से इन इलाकों का संपर्क पूरी तरह बाधित हो गया।
नया पुल तेज पानी के सामने नहीं टिक पाया
शुक्रवार रात हुई अतिवृष्टि के बाद कुलागाड़ में पानी का बहाव बेहद तेज हो गया। इसी तेज बहाव में हाल ही में बनाया गया बेली ब्रिज बह गया। पुल बहकर काली नदी के रास्ते नेपाल की सीमा की ओर पहुंच गया। उधर, टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे पर घाट बैंड के पास पहाड़ी से बोल्डर और पत्थर गिरने लगे। इससे करीब 10 घंटे तक सड़क पर आवाजाही बंद रही। सैकड़ों यात्री और वाहन हाईवे पर फंस गए, इनमें टैक्सी, बस और मालवाहक वाहन भी शामिल थे। करीब 10 घंटे तक सड़क पर आवाजाही ठप रही, पहाड़ी से लगातार बोल्डर और पत्थर गिरने से रास्ता बंद रहा।
मिजोरम में भूस्खलन, बिहार में लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित
बारिश का असर उत्तराखंड तक सीमित नहीं है। मिजोरम में भारी बारिश के बाद भूस्खलन हुआ, जिसमें 14 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। हादसे में चार लोग घायल भी हुए हैं। वहीं बिहार में बाढ़ से 15 जिलों के 48.22 लाख से ज्यादा लोग अब भी प्रभावित हैं। गंगा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
क्या बारिश का यह दौर अभी और मुश्किल बढ़ाएगा?
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। 12 से 14 सितंबर के दौरान उत्तराखंड में गरज और बिजली चमकने के साथ भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 15 से 17 सितंबर के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भारी बारिश के आसार हैं। 16 और 17 सितंबर को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में भी भारी बारिश हो सकती है। वहीं 13 और 14 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर-पश्चिम भारत के बाकी हिस्सों में गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश हो सकती है।