फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महाराष्ट्र: मुंबई से कोंकण के लिए अब रोज ट्रेन, नागपुर में तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम पर रोक

Thu, 03 Sep 2026 02:00 AM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
विज्ञापन
महाराष्ट्र की बड़ी खबरें - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) और कोंकण के सिंधुदुर्ग जिले में स्थित सावंतवाड़ी रोड के बीच नई दैनिक एक्सप्रेस ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी। मध्य रेलवे की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, नई ट्रेन सेवा का उद्घाटन गुरुवार को किया जाएगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस दोपहर 12:50 बजे सीएसएमटी से उद्घाटन विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे।
विज्ञापन


केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कार्यक्रम में शामिल होंगे। उद्घाटन विशेष ट्रेन संख्या 01001 दोपहर 12:50 बजे सीएसएमटी से रवाना होगी और अगले दिन सुबह दो बजे सावंतवाड़ी रोड पहुंचेगी। मध्य रेलवे के अनुसार, ट्रेन दादर, ठाणे, पनवेल, पेण, रोहा, माणगांव, वीर, खेड, चिपलूण, सावर्डा, अरावली रोड, संगमेश्वर रोड, रत्नागिरी, अडावली, वालिवडे, राजापुर रोड, वैभववाड़ी रोड, नांदगांव रोड, कणकवली, सिंधुदुर्ग और कुडाल स्टेशनों पर रुकेगी।

ट्रेन में एक वातानुकूलित प्रथम श्रेणी कोच, दो वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी कोच, तीन वातानुकूलित तृतीय श्रेणी कोच, चार स्लीपर कोच और चार सामान्य द्वितीय श्रेणी के कोच होंगे। इसके अलावा एक द्वितीय श्रेणी सीटिंग-सह-गार्ड ब्रेक वैन और एक जनरेटर वैन भी होगी। मध्य रेलवे ने कहा कि मुंबई और दक्षिण कोंकण के बीच सीधी दैनिक रेल सेवा की लंबे समय से मांग थी। नई ट्रेन से खास तौर पर कणकवली, कुडाल और सावंतवाड़ी जाने वाले यात्रियों को लाभ मिलेगा।
विज्ञापन


रेलवे के मुताबिक, इस सेवा से व्यापारियों और पर्यटकों को भी सुविधा होगी। सावंतवाड़ी, आंबोली और तारकर्ली के साथ-साथ गोवा सीमा से जुड़े पर्यटन क्षेत्रों में भी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। नई ट्रेन के शुरू होने से लोकमान्य तिलक टर्मिनस और दादर से कोंकण के लिए चलने वाली अन्य ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी। मध्य रेलवे ने बताया कि नियमित सेवा के समय और विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा अलग से की जाएगी।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने रिश्वत लेने के आरोप में बीएमसी के कनिष्ठ अभियंता और कर्मचारी को किया गिरफ्तार
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को बृहन्मुंबई नगर निगम के एक कनिष्ठ अभियंता और एक कर्मचारी को कथित तौर पर एक बेकरी मालिक से 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और स्वीकार करने के आरोप में गिरफ्तार किया। भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों में से एक के पास से आय से अधिक और बिना हिसाब की 2.78 लाख रुपये से ज्यादा की नकदी भी बरामद की।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कनिष्ठ अभियंता नीरवकुमार चुनिलाल जैसुर (43) और नगर निगम कर्मचारी विजय रमेश पाटिल (46) के रूप में हुई है। दोनों अंधेरी पश्चिम स्थित बीएमसी के के/पश्चिम वार्ड कार्यालय में तैनात थे। एसीबी के अनुसार, 50 वर्षीय शिकायतकर्ता बेकरी का कारोबार चलाता है। आरोप है कि पाटिल ने बेकरी का कारोबार सुचारू रूप से चलने देने और प्रतिष्ठान के खिलाफ कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं करने के बदले अपने और जैसुर के लिए 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

रिश्वत देने के इच्छुक नहीं होने पर कारोबारी ने बुधवार को मुंबई इकाई के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के दौरान पाटिल ने दोबारा 70 हजार रुपये की मांग की और शिकायतकर्ता की मुलाकात अपने वरिष्ठ अधिकारी जैसुर से कराई। पुलिस के मुताबिक, बातचीत के बाद जैसुर रिश्वत की रकम घटाने पर सहमत हुआ और इसे 60 हजार रुपये तय किया गया।

शिकायत की पुष्टि होने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने के/पश्चिम वार्ड कार्यालय में जाल बिछाया। टीम ने पाटिल को शिकायतकर्ता से 60 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। इसके बाद टीम ने जैसुर को उसके कार्यालय से हिरासत में ले लिया। बाद में तलाशी के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के अधिकारियों ने पाटिल के पास से 40,820 रुपये नकद बरामद किए। उसके बैग से 2,37,600 रुपये की अतिरिक्त नकदी भी मिली। जांचकर्ताओं ने जैसुर के पास से दो मोबाइल फोन और पाटिल के पास से एक मोबाइल फोन जब्त किया है। पुलिस ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की आगे जांच जारी है।

वेतन नहीं मिलने से नाराज खदान कर्मचारी ने मोबाइल फोन और डेटोनेटर चुराए, गिरफ्तार
एक कोयला खदान कर्मचारी ने वेतन नहीं मिलने से नाराज होकर कार्यस्थल से कथित तौर पर तीन मोबाइल फोन और दो जीवित डेटोनेटर चुरा लिए और चंद्रपुर से ट्रेन के जरिए नागपुर पहुंच गया। पुलिस ने बुधवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान छत्तीसगढ़ के बालोद निवासी राजेंद्र रामलाल विश्वकर्मा (35) के रूप में हुई है। उसने पुलिस को बताया कि वेतन नहीं मिलने के कारण उसने चोरी की।

एक अधिकारी के अनुसार, लकड़गंज पुलिस ने उसे आजमशाह चौक पर एक मोबाइल फोन बेचने की कोशिश करते समय पकड़ लिया। विश्वकर्मा वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड की वरोरा स्थित कोयला खदान में काम करता था। उसने पुलिस को बताया कि ठेकेदार ने उसका वेतन नहीं दिया था। इससे नाराज होकर उसने ठेकेदार के तीन मोबाइल फोन चुरा लिए और खदान परिसर से दो डेटोनेटर भी लेकर फरार हो गया।

इसके बाद वह इन जीवित विस्फोटकों को लेकर चंद्रपुर से ट्रेन के जरिए नागपुर पहुंचा। बम खोजी और निष्क्रिय करने वाले दस्ते ने दोनों डेटोनेटर को निष्क्रिय कर दिया। आतंकवाद निरोधक दस्ते की एक टीम ने भी लकड़गंज पुलिस थाने का दौरा किया और मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की आगे जांच की जा रही है।

महाराष्ट्र में सरकारी कर्मचारियों के लिए हिंदी की परीक्षा खत्म
महाराष्ट्र में अब सरकारी कर्मचारियों को हिंदी भाषा की परीक्षा से हमेशा के लिए छुटकारा मिल गया है। राज्य में 50 साल पुराना नियम खत्म कर दिया गया है जिससे अब हिंदी की परीक्षा देना अनिवार्य नहीं होगा। इस संबंध में राज्य सरकार ने शासनादेश जारी किया है। महाराष्ट्र में कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए हिंदी परीक्षा पास करना जरूरी था। यह नियम महाराष्ट्र राज्य बनने से पहले बांबे सरकार का था। 

एमपीएससी पेपर लीक का राज खोलेगा नाले से बरामद लैपटॉप
महाराष्ट्र राज्य लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले की जांच में कई नए और चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। मुख्य आरोपी ऋतुजा पाटिल को कोर्ट में पेशी के दौरान नाले से बरामद एक लैपटॉप का खुलासा हुआ है जो इस पेपर लीक के पीछे सिंडिकेट का राज खोलेगा।

नंदूरबार से गिरफ्तार करने के बाद ऋतुजा को मुंबई लाया गया। बुधवार को उसे और अन्य छह गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। इस दौरान पुलिस ने कोर्ट को बताया कि एमपीएससी अधिकारी विश्वेश्वर नकाते ने एक लैपटॉप नाले में फेंक दिया था। इसी लैपटॉप में एमपीएससी ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के 294 प्रश्न और उनके विकल्प दिए गए थे। लेकिन, सबूत नष्ट करने के लिए इसे फेंक दिया गया था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। लैपटॉप में मौजूद डाटा को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, नाले से बरामद लैपटॉप इस पूरे मामले की जांच में अहम कड़ी साबित हो सकता है। अगर लैपटॉप में मौजूद डाटा पूरी तरह रिकवर हो जाता है तो पेपर लीक की साजिश, प्रश्न पत्र और आरोपियों के बीच हुए कथित लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग सामने आने की संभावना है।

डीजे और लाउडस्पीकर के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता पर हमला
पुणे में तेज आवाज वाले डीजे और लाउडस्पीकर के खिलाफ अभियान चला रहे सामाजिक कार्यकर्ता विद्यानंद बापट पर गुरुवार सुबह कथित तौर पर हमला किया गया। बापट तिलक रोड इलाके में मीडिया को बयान दे रहे थे, तभी एक व्यक्ति ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बापट को सुरक्षा के लिए पुलिस वैन में वहां से ले गई। पुलिस हमलावर की पहचान करने में जुटी है। बापट ने हाल ही में गणेशोत्सव के दौरान तेज आवाज वाले डीजे और स्पीकर पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की थी।


जरांगे के समर्थन में लातूर बंद, कई इलाकों में प्रदर्शन
मराठा समुदाय ने कार्यकर्ता मनोज जरांगे के आंदोलन के समर्थन में गुरुवार को लातूर जिले में बंद रखा। लातूर शहर में स्कूल-कॉलेज और कई दुकानें बंद रहीं। औसा में प्रदर्शनकारियों ने पानी की टंकी पर चढ़कर करीब ढाई घंटे तक विरोध किया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद वे नीचे उतरे। यहां बाजार और दुकानें भी बंद रहीं। प्रदर्शनकारियों ने औसा मोड़ पर रास्ता रोको आंदोलन कर कुछ समय तक यातायात प्रभावित किया। निलंगा में भी व्यापारियों ने दुकानें बंद रखकर समर्थन दिया और मराठा समुदाय ने रास्ता रोको प्रदर्शन किया। जरांगे 29 अगस्त से मराठा आरक्षण और कुनबी प्रमाणपत्र की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

लातूर में 3 दिन के नवजात की जटिल सर्जरी सफल
महाराष्ट्र के लातूर में डॉक्टरों ने तीन दिन के नवजात की जटिल लैप्रोस्कोपिक सर्जरी सफलतापूर्वक की। बच्चे को जन्मजात डायफ्राम की समस्या थी, जिससे पेट के अंग छाती में पहुंच गए थे और सांस लेने में परेशानी हो रही थी। डॉक्टरों ने सिर्फ 3 मिलीमीटर के छोटे छेद से सर्जरी कर डायफ्राम की खराबी ठीक की। ऑपरेशन से पहले बच्चे को वेंटिलेटर पर रखा गया था। अधिकारियों के मुताबिक, मराठवाड़ा क्षेत्र के किसी सरकारी मेडिकल कॉलेज में नवजात की इस तरह की यह पहली सर्जरी है। इस सफलता से क्षेत्र के बच्चों को उन्नत इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत कम होगी।

दृष्टिबाधितों की सुरक्षा के लिए छात्रों ने बनाया स्मार्ट सिस्टम
लातूर के राजर्षि शाहू महाविद्यालय के छात्रों ने दृष्टिबाधित लोगों की सुरक्षित आवाजाही के लिए IoT आधारित स्मार्ट सिस्टम तैयार किया है। इस प्रोजेक्ट के लिए स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा विश्वविद्यालय, नांदेड ने छात्रों को एक लाख रुपये की ग्रांट दी है। सिस्टम सेंसर और स्मार्ट डिवाइस की मदद से रास्ते में आने वाली बाधाओं, दिशा और ट्रैफिक की जानकारी रियल टाइम में देगा। आपात स्थिति में यूजर SOS मैसेज भेजने के साथ अपनी लोकेशन भी शेयर कर सकेगा। यह प्रोजेक्ट महाकालेश्वर गायकवाड़, राधिका जाधव और विशाखा खानापुरे ने बनाया है।
विज्ञापन

नागपुर में 1 नवंबर तक तेज आवाज वाले साउंड सिस्टम पर रोक

महाराष्ट्र पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि नागपुर पुलिस ने गुरुवार को आदेश जारी कर आने वाले त्योहारों के मौसम में तेज आवाज वाले और मॉडिफाइड साउंड सिस्टम के साथ-साथ बीम और लेजर लाइट के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। अधिकारी ने आदेश का हवाला देते हुए बताया कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लगाई गई यह रोक 4 सितंबर से 1 नवंबर की रात 11.59 बजे तक लागू रहेगी। नागपुर पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटिल ने कहा कि त्योहारों के दौरान अलग-अलग तरह के साउंड सिस्टम और मॉडिफाइड साउंड सिस्टम वाली गाड़ियों के इस्तेमाल से अक्सर विवाद और तनाव पैदा होते हैं। ऐसे में सभी कार्यक्रम आयोजकों, पदाधिकारियों, साउंड-सिस्टम ऑपरेटरों, साउंड-सिस्टम गाड़ियों के मालिकों और बीम/लेज़र-लाइट सिस्टम ऑपरेटरों को सूचित किया गया है कि 4 सितंबर से 1 नवंबर तक 'डॉल्बी और प्लाज़्मा साउंड सिस्टम, प्रेशर म्यूज़िक सिस्टम, मॉडिफाइड साउंड-सिस्टम गाड़ियां, और बीम और लेज़र लाइट के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें