दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स का मानना है कि भारत के वनडे कप्तान शुभमन गिल को रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के अनुभव का फायदा उठाना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें अपनी कप्तानी की शैली और सोच को भी बनाए रखना चाहिए। रोड्स ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कप्तानी करना आसान नहीं होता और इसका काफी दबाव होता है। हालांकि, उन्हें भरोसा है कि शुभमन गिल इस चुनौती को अच्छी तरह संभाल सकते हैं और एक सफल कप्तान साबित होंगे।
कप्तान के तौर पर कैसा है गिल का रिकॉर्ड
पिछले साल अक्तूबर में रोहित की जगह भारत का वनडे कप्तान बनने के बाद से गिल ने छह मैच जीते हैं और इतने ही मैच हारे हैं, यानी उनका जीत प्रतिशत 50 रहा है। रोड्स ने कहा, एक लीडर के तौर पर सबसे जरूरी बात यह समझना है कि आपके आस-पास सीनियर खिलाड़ी हैं। अगर आप मदद, राय या आइडिया मांगते हैं, तो यह आपकी कप्तानी के लिए कोई बुरी बात नहीं है।
दक्षिण अफ्रीका के पूर्व खिलाड़ी ने आगे कहा, जाहिर है कि लीडर और कप्तान के तौर पर आखिरी फैसला आपको ही लेना होता है। इतने अनुभवी खिलाड़ियों की कप्तानी करने में अक्सर यही सबसे मुश्किल काम होता है। वे सभी आपको बेहतरीन विकल्प देते हैं, लेकिन फैसला आपको ही करना होता है। इसी कारण रोहित और विराट जैसे खिलाड़ियों का साथ होना और शुभमन का एनर्जी लेवल हमेशा एक जैसा रहा है। कप्तान के तौर पर और उससे पहले एक खिलाड़ी के तौर पर उनका व्यवहार हमेशा एक जैसा रहा है। जब तक वह किसी और जैसा बनने की कोशिश नहीं करते जो कि नामुमकिन है, क्योंकि दबाव में आप हमेशा वही बन जाते हैं जो आप असल में हैं तब तक सब ठीक रहेगा। वह बहुत तेजी से इस लय में आ गए हैं।
रोड्स ने विश्व कप में खेलने वाली टीम को दिए सुझाव
रोड्स का मानना है कि 2027 क्रिकेट विश्व कप में खेलने वाली टीमों को अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार जल्दी खुद को ढालना होगा। यह टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और जिम्बाब्वे की संयुक्त मेजबानी में होगा। उन्होंने कहा कि समुद्र के किनारे खेले जाने वाले मैचों की परिस्थितियां जोहानिसबर्ग और प्रिटोरिया जैसे ऊंचाई वाले शहरों से काफी अलग होती हैं। इसलिए टीमों को हर जगह के हालात को समझकर अपनी रणनीति बनानी होगी।
जोंटी रोड्स ने कहा कि साउथ अफ्रीका की पिचें आमतौर पर बल्लेबाजी के लिए अच्छी होती हैं, इसलिए वहां बल्ले और गेंद के बीच बहुत ज्यादा संघर्ष नहीं देखने को मिलता। गेंद बल्ले पर अच्छी तरह आती है, जिससे बल्लेबाज अपने शॉट आसानी से खेल पाते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय बल्लेबाज आधुनिक क्रिकेट के हिसाब से खुद को बहुत जल्दी ढाल चुके हैं। खास तौर पर वे रैंप और स्कूप जैसे नए जमाने के शॉट शानदार तरीके से खेलते हैं। भारतीय खिलाड़ी गेंद के करीब जाकर इन शॉट्स को काफी प्रभावी ढंग से अंजाम देते हैं, जो उनकी बड़ी ताकत है।