शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने महाराष्ट्र सरकार पर हिंसा प्रभावित क्षेत्र परभणी में तलाशी अभियान के नाम पर डॉ. बीआर आंबेडकर के अनुयायियों के भविष्य को नष्ट करने का आरोप लगाया। एक वीडियो जारी कर उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में फिलहाल कोई गृह मंत्री नहीं हैं और राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मंगलवार को परभणी रेलवे स्टेशन के बाहर आंबेडकर की मूर्ति के वपास कांच से ढकी संविधान की सीमेंट की प्रतिकृति क्षतिग्रस्त पाई गई, जिसके बाद से क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
बुधवार को भीड़ ने कलेक्टर के कार्यालय में आगजनी की। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने कहा, "अगर राज्य सरकार तलाशी के नाम पर आंबेडकर के अनुयायियों के भविष्य को नष्ट कर रही है तो यह निंदनीय है।" उन्होंने आगे कहा, "संविधान का अपमान किया गया और ऐसे में प्रतिक्रिया तो होनी ही थी। जब अंबेडकरवादी समूहों ने बंद का आह्वान किया था तो उस समय पुलिस को एहतियादी कदम उठाने चाहिए थे।" शिवसेना (यूबीटी) नेता ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के पीछे पुलिस का हाथ है। यह स्थिति इसलिए पैदा हुई, क्योंकि राज्य में गृह मंत्री नहीं है।
राकांपा नेता समेत तीन के खिलाफ जबरन वसूली का मामला दर्ज
महाराष्ट्र के बीड में राकांपा के एक नेता और दो अन्य लोगों के खिलाफ जबरन वसूली का मामला दर्ज किया गया है। उनपर पवन ऊर्जा फर्म के लिए दो करोड़ रुपये मांगने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि इस मामले के दो आरोपी एक गांव के सरपंच की हत्या के मामले में भी वांछित हैं। सोमवार को सरपंच संतोष देशमुख का पहले अपहरण किया गया और फिर उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों में विष्णु चाटे और सुदर्शन घुले को भी शामिल किया। बुधवार को पुलिस स्टेशन में एक और एफआईआर दर्ज किया गया। पुलिस ने वाल्मिक कराड, चाटे और घुले के खिलाफ विंड पावर फर्म अवाडा एनर्जी के एक अधिकारी से पैसे की मांग की थी। बता दें कि कराड राकांपा के स्थानीय नेता हैं। फिलहाल इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
नवाब मलिक के खिलाफ अत्याचार मामले को 'तार्किक निष्कर्ष' पर पहुंचाएं: अदालत
बॉम्बे उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को पुलिस को आईआरएस अधिकारी समीर वानखेड़े की शिकायत पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक के खिलाफ दर्ज अत्याचार अधिनियम मामले की जांच पूरी करने और इसे 'तार्किक निष्कर्ष' तक ले जाने का निर्देश दिया।
मुंबई पुलिस ने न्यायमूर्ति रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति एसजी डिगे की खंडपीठ को आश्वासन दिया कि 2022 के मामले की जांच चार सप्ताह के भीतर पूरी कर ली जाएगी। पुलिस ने पीठ को यह भी बताया कि मामले में दो (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1) क्यू और आर) और धाराएं शामिल की गई हैं।
ये धाराएं किसी लोक सेवक को चोट पहुंचाने या परेशान करने तथा अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के सदस्य को जानबूझकर अपमानित करने या डराने के लिए झूठी जानकारी देने से संबंधित हैं। पीठ ने पुलिस के आश्वासन को स्वीकार कर लिया और मामले की अगली सुनवाई 16 जनवरी, 2025 को तय कर दी।
छत्रपति संभाजीनगर में एनसीपी नेता के खिलाफ मामला दर्ज
महाराष्ट्र के बीड जिले के एक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) नेता और दो हत्या के आरोपियों के खिलाफ एक पवन ऊर्जा कंपनी से कथित तौर पर 2 करोड़ रुपये मांगने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने गुरुवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि वाल्मिक कराड, विष्णु चाटे और सुदर्शन घुले के खिलाफ केज पुलिस स्टेशन में एक निजी कंपनी से कथित तौर पर बड़ी रकम मांगने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कराड एक स्थानीय एनसीपी नेता हैं, जबकि विष्णु चाटे और सुदर्शन घुले को सोमवार को केज तहसील के मासजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के एक अलग मामले में आरोपी बनाया गया है। वहीं अभी तक जबरन वसूली के मामले में कराड की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।