हरियाणा : ईवीएम सत्यापन की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पूर्व मंत्री दलाल
हरियाणा के पूर्व मंत्री और 5 बार के विधायक करण सिंह दलाल ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के सत्यापन के लिए नीति की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने अपनी याचिका में एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में दिए गए शीर्ष अदालत के पहले के फैसले के अनुपालन की मांग की।
दलाल और सह-याचिकाकर्ता लखन कुमार सिंगला अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में दूसरे पर रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग (ईसी) को ईवीएम के चार घटकों (कंट्रोल यूनिट, बैलट यूनिट, वीवीपैट और सिंबल लोडिंग यूनिट) की मेमोरी या माइक्रोकंट्रोलर की जांच के लिए एक प्रोटोकॉल लागू करने का निर्देश देने की मांग की। इस साल अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट ने देश में चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता को मजबूत करने के उद्देश्य से एक आदेश जारी किया था, जिसमें किसी चुनाव में दूसरे और तीसरे स्थान पर आए उम्मीदवारों के लिखित अनुरोध पर 5 प्रतिशत ईवीएम की इस्तेमाल मेमोरी/माइक्रोकंट्रोलर की जांच और सत्यापन का निर्देश दिया गया था। यह जांच ईवीएम के निर्माता कंपनियों के इंजीनियर करेंगे। इस दौरान उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि चुनाव आयोग की ओर से ऐसी कोई नीति जारी नहीं की गई है। यह चुनाव आयोग की किसी भी प्रकार की जांच से बचाने की इच्छा को दर्शाता है।