महाराष्ट्र में मराठी जरूरी, हिंदी नहीं: भाजपा मंत्री आशीष शेलार
महाराष्ट्र के संस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने सोमवार को कहा कि राज्य में केवल मराठी भाषा पढ़ना जरूरी है, हिंदी नहीं। उन्होंने कहा कि स्कूलों में तीसरी भाषा को लेकर जो विवाद हो रहा है, वो बिलकुल गलत और बिना वजह है। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए साफ किया कि कक्षा 1 से 5 तक हिंदी को जरूरी भाषा नहीं बनाया गया है, जैसा कि कुछ लोग कह रहे हैं। शेलार ने कहा, 'हमारी सरकार ने कक्षा 5 से 8 तक हिंदी पढ़ना भी अनिवार्य नहीं रखा है। इसके बजाय, हिंदी को बाकी भाषाओं के साथ एक विकल्प के रूप में रखा गया है। इसलिए इस विषय पर जो बातें हो रही हैं, वो सही नहीं हैं और बेकार की हैं।'
महाराष्ट्र के भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो ने सिक्योरिटी गार्ड्स के एक सुपरवाइजर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी सरकार द्वारा नियुक्त सुपरवाइजर है, जिसे ठाणे में एक सिक्योरिटी गार्ड से एक हजार रुपये रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। आरोपी बीएमसी और ठाणे जिले में कर्मचारी है और इसकी ही जिम्मेदारी थी कि वह विभिन्न संस्थानों में गार्ड्स की ड्यूटी लगाए। आरोप है कि एक गार्ड ने पहली शिफ्ट लगाने की मांग की थी, जिसके लिए आरोपी ने एक हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में मंगलवार को एक सात मंजिला इमारत की छत टूट गई। इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है। अधिकारियों को सुबह 5.37 मिनट पर सूचना मिली कि एक हाउसिंग सोसाइटी की थोड़ी छत गिर गई है। इस 25 साल पुरानी इमारत में 28 फ्लैट, दो ऑफिस और छह दुकाने हैं। टूटी छत के अलावा इमारत में कई और जगह भी खतरनाक स्थिति में हैं।
मुंबई के भांडप वेस्ट इलाके में एक दीवार गिरने से उसकी चपेट में आकर तीन लोग घायल हो गए। बीएमसी ने बताया कि भांडप वेस्ट इलाके में स्थित पंजाबी चॉल में यह हादसा हुआ। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायलों की हालत स्थिर है।
मालेगांव चीनी मिल चुनाव: अजित पवार की पैनल को बढ़त, शरद पवार गुट भी मैदान में
महाराष्ट्र के मालेगांव में स्थित नीलकंठेश्वर सहकारी चीनी मिल के चुनाव में डिप्टी सीएम अजित पवार के नेतृत्व वाली पैनल को शुरुआती बढ़त मिली है। मंगलवार को हुई गिनती के पहले राउंड के बाद अजित पवार की पैनल ने 5 सीटों पर बढ़त बना ली है। खुद अजित पवार ने भी अपनी सीट जीत ली है।
यह चुनाव अजित पवार के लिए खास रहा, क्योंकि उन्होंने करीब 40 साल बाद किसी सहकारी संस्था का चुनाव लड़ा। उनकी नीलकंठेश्वर पैनल पहले से इस मिल की सत्ता में है। उनके खिलाफ शरद पवार समर्थित एनसीपी (एसपी) की ‘बलीराजा सहकार पैनल’ और चंद्रराव तावरे की ‘सहकार बचाव पैनल’ मैदान में हैं। चुनाव रविवार को हुआ था, जिसमें बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 21 सीटों के लिए मतदान कराया गया। इसमें गन्ना उत्पादकों के समूह 'A' में 19,549 और सहकारी संस्थाओं से जुड़े समूह 'B' में 102 वोटर शामिल थे।