ठाणे में नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। मामले का राष्ट्रीय महिला आयोग का स्वत: संज्ञान लिया है और पुलिस से रिपोर्ट मांगी है। ठाणे के डोंबिवली में 15 वर्षीय नाबालिग को दो महीनों तक घर में बंधक बनाकर रखा गया। उसके साथ बार-बार दुष्कर्म, जबरन गर्भपात और वेश्यावृत्ति में धकेलने की कोशिश की गई। पुलिस ने बताया कि पीड़िता के एक रिश्तेदार पर दुष्कर्म का आरोप है। एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। घटना को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष स्मृति विजया राहतकर ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने डीजीपी को जांच करने, मुख्य आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करने के लिए कहा है। साथ ही पॉक्सो एक्ट और अन्य लागू कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। वहीं पीड़िता को सहायता और पुनर्वास प्रदान करने पर जोर दिया गया। एनसीडब्ल्यू ने तीन दिन में रिपोर्ट मांगी है।
ससुराल वालों ने महिला को प्रताड़ित किया; पति और 5 अन्य हिरासत में
छत्रपति संभाजीनगर में पुलिस ने एक व्यक्ति और उसके पांच अन्य परिवार के सदस्यों को अपनी पत्नी को सोल्डरिंग उपकरण से जलाकर प्रताड़ित करने के आरोप में हिरासत में लिया है। फुलंबरी इलाके की रहने वाली महिला ने पुलिस में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि उसके ससुराल वाले उसे परेशान कर रहे हैं और उसके माता-पिता से 25 लाख रुपये लाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि महिला ने दावा किया है कि उसके हाथ-पैर बांधने के बाद उसे सोल्डरिंग मशीन से जला दिया गया। पुलिस ने सोमवार को उसके पति, सास, ननद और परिवार के अन्य सदस्यों समेत छह लोगों को हिरासत में लिया है तथा मामले की जांच जारी है। पुलिस ने कहा कि चौका गांव की निवासी महिला की शादी आठ साल पहले हुई थी और उसका पांच साल का एक बेटा भी है। उसे अपने माता-पिता से 25 लाख रुपये लाने के लिए कथित तौर पर परेशान किया गया था। उसे लंबे समय से परेशान किया जा रहा था और उसके हाथ और पैर जला दिए गए थे। आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुणे दहेज आत्महत्या मामले में पीड़िता के ससुर को न्यायिक हिरासत में भेजा
पुणे में दहेज उत्पीड़न के कारण आत्महत्या करने वाली वैष्णवी हगावने के ससुर और साले को अदालत ने मंगलवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जबकि वैष्णवी के परिजनों को धमकाने वाले आरोपी नीलेश चव्हाण को 7 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। चव्हाण को मंगलवार को पुलिस रिमांड की अवधि समाप्त होने पर अदालत में पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि उसे वैष्णवी के ससुर राजेंद्र और उनके बेटे सुशील को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने पर कोई आपत्ति नहीं है।
वैष्णवी ने 16 मई को पुणे के बावधन इलाके में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी, उसके परिजनों ने आरोप लगाया था कि उसके ससुराल वालों और अन्य लोगों ने उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया था। दहेज उत्पीड़न-आत्महत्या मामले में राजेंद्र हगावने, वैष्णवी के पति शशांक, सास लता, देवर सुशील और ननद करिश्मा को गिरफ्तार किया गया है। वारजे पुलिस ने चव्हाण पर बंदूक दिखाने का मामला दर्ज किया है।
अनुसूचित जनजाति के लिए महाराष्ट्र में बनेगा स्वतंत्र आयोग
महाराष्ट्र कैबिनेट ने मंगलवार को अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए एक केंद्रीय निकाय की तर्ज पर एक अलग आयोग बनाने को मंजूरी दी है। यह फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि केंद्र सरकार के पास अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए अलग-अलग आयोग हैं, जो इन समुदायों से जुड़ी अलग-अलग समस्याओं को देखते हैं। इसी आधार पर राज्य में भी दो अलग आयोग होना जरूरी है। सीएमओ ने बताया कि ये दोनों आयोग स्वतंत्र रूप से काम करेंगे। कैबिनेट ने इन्हें सांविधानिक दर्जा देने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी भी दे दी है।