माता-पिता ने दिव्या को इस साल एसएससी परीक्षा छोड़ने के लिए कहा था लेकिन ठाणे शहर के सरस्वती माध्यमिक विद्यालय की छात्रा दिव्या पावले अड़िग थीं और उसे विश्वास था कि वह अपनी बीमारी के कारण होने वाली परेशानी को दूर करेगी और अच्छा करेगी।
महाराष्ट्र में जब कोरोना महामारी चरम पर थी तब पंद्रह वर्षीय दिव्या पावले को परीक्षण के दौरान कैंसर होने का पता चला था। लेकिन अब खबर यह है कि उसने महाराष्ट्र राज्य बोर्ड द्वारा आयोजित दसवीं की परीक्षा में 81.60 प्रतिशत अंक स्कोर करने में कामयाबी हासिल की है। इस सफलता ने दिव्या के चेहरे पर मुस्कराहट ला दी है। माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा के परिणाम शुक्रवार को घोषित किए गए।
विज्ञापन
जब ठंड लगने और खांसी के बार-बार होने के कारण दिव्या का कोविड-19 परीक्षण किया गया था तब वह पुणे के वकलवाड़ी में थीं। यह कोविड परीक्षण नकारात्मक आया था लेकिन डॉक्टरों द्वारा आगे की जांच के परिणामस्वरूप उसे कैंसर का पता चला था।
परिजनों ने बताया कि इसके बाद वह ठाणे लौट आईं और उसके कैंसर के इलाज के लिए मध्य मुंबई के परेल के प्रमुख टाटा मेमोरियल अस्पताल में नौ महीने में कई चक्कर लगाने पड़े, जिसमें कई कीमोथेरेपी सेशन, 14 बार रक्त आधान (खून चढ़ाना) और 15 प्लेटलेट्स शामिल थे।
विज्ञापन
माता-पिता ने दिव्या को इस साल एसएससी परीक्षा (सेकंड्री स्कूल सर्टिफिकेट) छोड़ने के लिए कहा था लेकिन ठाणे शहर के सरस्वती माध्यमिक विद्यालय की छात्रा दिव्या पावले अड़िग थीं और उसे विश्वास था कि वह अपनी बीमारी के कारण होने वाली परेशानी को दूर करेगी और अच्छा करेगी।
ठाणे जिले में 97.13 प्रतिशत छात्रों ने परीक्षा पास की जबकि पालघर में 97.17 प्रतिशत ने पास की। महाराष्ट्र राज्य बोर्ड ने 10वीं कक्षा की परीक्षा 15 मार्च से 4 अप्रैल 2022 तक आयोजित की थी। परीक्षा में लगभग 14 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। साल 2021 में 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 16 जुलाई को घोषित किया गया था। इस साल छात्रों का पास प्रतिशत 99.95 प्रतिशत रहा था।