ठाकरे परिवार से पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने जा रहे 27 वर्षीय आदित्य ठाकरे को लेकर शिवसैनिक काफी उत्साहित है। पिछले कुछ सालों से भाजपा और शिवसेना के गठबंधन में दूसरे नंबर की पार्टी को उम्मीद है कि आदित्य के चुनाव लड़ने के फैसले से उसके ‘अच्छे दिन’ आने वाले हैं।
उन्होंने पर्दे के पीछे रहते हुए युवाओं को अपने साथ जोड़ते हुए दूसरी पंगत के नेताओं की फौज तैयार की। प्रधान के मुताबिक पिछले दस सालों के दौरान उन्होंने प्रदेश भर का दौरा कर जमीनी स्तर पर मुद्दों को समझा। इसी के बाद उन्होंने तय किया कि वह पारिवारिक प्रथा को तोड़ते हुए विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।
युवा सेना सविच वरुण सरदेसाई ने दावा किया कि वह एक मात्र ऐसे नेता हैं जिसकी उम्र 30 साल से कम है और जिसने पूरे राज्य का भ्रमण किया। अपनी ‘जन आशीर्वाद’ यात्रा के दौरान उन्होंने 75 युवाओं के सात ‘आदित्य संसद’ की । इस दौरान लोगों से मिली जानकारी को एकत्र कर शिवसेना का चुनावी पत्र तैयार किया गया।
आदित्य ठाकरे के मैदान में आने से ‘अच्छे दिन’ की उम्मीद उन्हें मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर पेश कर रही है। पार्टी का मानना है कि शिवसेना को आदित्य ठाकरे के मैदान में आने से ‘अच्छे दिन’ की उम्मीद है और भाजपा बराबर-बराबर समय के लिए मुख्यमंत्री बनाएगी। इसके साथ ही वह आदित्य को डिप्टी सीएम बनाने पर भी मान सकती है।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पहली सूची जारी कर दी है। इसमें 27 प्रत्याशियों के नाम का एलान किया गया है। सूची के मुताबिक वर्ली से किसी को भी नहीं उतारा गया है। मालूम हो कि इस सीट से शिवसेना के युवा नेता आदित्य ठाकरे चुनाव लड़ रहे हैं। एमएनएस ने पुणे की कोथरुड सीट से किशोर शिंदे को उतारा है उनका मुकाबला भाजपा के चंद्रकांत पाटिल से होगा।
एमएनएस ने मुंबई की माहिम सीट से संदीप देशपांडे, चेंबूर से कर्णबाला दुनबले, कलिना से संजय तुर्डे, गोरेगांव से विरेंद्र जाधव, वर्सोवा से संदीप देसाई, घाटकोपर पश्चिम से गणेश चुक्कल, बांद्रा पूर्व से अखिल चित्रे, दिंडोसी से अरुण सुर्वे और दहिसर से राजेश येरूनकर को उतारा है। मालूम हो कि इसी साल हुए लोकसभा चुनावों में एमएनएस ने एक भी सीट से चुनाव नहीं लड़ा था।