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Shiv Sena Crisis: शिवसेना पर कब्जे के लिए शिंदे गुट का कदम- घोषित की नई कार्यकारिणी, राउत ने कसा तंज

Mon, 18 Jul 2022 08:43 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान के बाद दक्षिण मुंबई के पांच सितारा होटल में शिवसेना शिंदे गुट के विधायकों की बैठक हुई जिसमें एकनाथ शिंदे को पार्टी का मुख्य नेता चुना गया। 
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उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे - फोटो : Twitter@ CMO Maharashtra
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विस्तार
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उद्धव ठाकरे को सत्ता से बेदखल करने के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अब शिवसेना पर कब्जे की ओर कदम बढ़ा दिया है। उन्होंने सोमवार को उद्धव को एक और बड़ा झटका देते हुए उनकी कमेटी को बर्खास्त कर नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन कर दिया है। नई कार्यकारिणी में एकनाथ शिंदे शिवसेना के मुख्य नेता बन गए हैं। 
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सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान के बाद दक्षिण मुंबई के पांच सितारा होटल में शिवसेना शिंदे गुट के विधायकों की बैठक हुई जिसमें एकनाथ शिंदे को पार्टी का मुख्य नेता चुना गया। वहीं, शिवसेना के उद्धव गुट से निकाले गए रामदास कदम और आनंदराव अडसूल, को नई कार्यकारिणी में पार्टी का नेता नियुक्त किया गया है। 

इसके अलावा यशवंत जाधव, गुलाबराव पाटिल, उदय सामंत, शरद पोंक्षे, तानाजी सावंत, विनय नाहटा, शिवाजीराव पाटिल को उपनेता चुना गया है जबकि दीपक केसरकर को प्रवक्ता बनाया गया है। शिंदे गुट ने? फिलहाल शिवसेना अध्यक्ष पद पर उद्धव ठाकरे को कायम रखा है। शिवसेना शिंदे गुट के प्रवक्ता केसरकर ने कहा कि उद्धव ठाकरे के प्रति अभी भी उनकी आस्था है। लेकिन उन्होंने यह भी दावा किया कि शिंदे गुट ही असली शिवसेना है। उधर, उद्धव ठाकरे ने भी पार्टी को बचाने के लिए थोक में पदाधिकारियों की नियुक्तियां शुरू की है। 
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संजय राउत ने कसा तंज
इस पूरे घटनाक्रम के बीच शिवसेना प्रवक्ता और सांसद संजय राउत ने शिंगे गुट पर तंज कसा है। उन्होंने कहा, "शिवसेना से टूटे हुए लोगों के गुट ने शिवसेना की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बना ली और हमारी कार्यकारिणी को बर्खास्त कर दिया...आप लोग (एकनाथ शिंदे गुट) टूट कर अलग चले गए। 20 तारीख से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी कि आप विधायक रहेंगे या नहीं और आप हमें ही बर्खास्त कर रहे हैं।

शिंदे गुट की बैठक में 14 सांसदों ने लगाई ऑनलाइन हाजिरी
सोमवार को होटल ट्राईडेंट में हुई शिंदे गुट के विधायकों की बैठक में शिवसेना के 14 सांसदों ने भी ऑनलाइन हिस्सा लिया। शिवसेना के कुल 18 सांसद हैं जिसमे से 14 के शिंदे गुट में शामिल होने की चर्चा है। सूत्रों का कहना है कि दक्षिण-मध्य मुंबई के सांसद राहुल शेवाले लोकसभा में शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता बनाए जा सकते हैं। वहीं, भावना गवली को मुख्य सचेतक नियुक्त किया जा सकता है। उद्धव ठाकरे ने हाल में ही भावना गवली को इस पद से हटा दिया था।

शिवसेना को खत्म करने की है साजिश- सावंत
उद्धव ठाकरे गुट के दक्षिण मुंबई से सांसद अरविंद सावत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में विधायकों की अयोग्यता पर सुनवाई होनी बाकी है। दूसरी तरफ, संविधान के नियमों के इतर शिंदे गुट नेताओं की नियुक्ति कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह शिवसेना को खत्म करने की साजिश है। लेकिन इसे महाराष्ट्र कभी स्वीकार नहीं करेगा। सावंत ने आरोप लगाया कि शिवसेना को खत्म करने की साजिश के पीछे भाजपा है। 

मंगलवार को दिल्ली पहुंचेंगे शिंदे
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मंगलवार को दिल्ली में होंगे। कहा जा रहा है कि दिल्ली में शिवसेना के सांसदों के साथ मुलाकात कर आगे की रणनीति तैयार करेंगे। वहीं, 20 को राज्य मंत्रिमंडल के बिस्तार की चर्चा है। समझा जा रहा है कि एकनाथ शिंदे मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर भी भाजपा के प्रमुख नेताओं से राय मशविरा कर सकते हैं।

महाराष्ट्र : केंद्र की नीतियों के खिलाफ पदयात्रा करेगी कांग्रेस 
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ महाराष्ट्र कांग्रेस राज्य में हर जगह पदयात्रा करेगी। पार्टी के प्रमुख नाना पटोले ने सोमवार को कहा कि 9 से 15 अगस्त के बीच पार्टी राज्य के हर व्यक्ति के पास जाएगी। इस दौरान हर जिले में 75 किमी तक रैली को कवर करके संविधान बचाओ, देश बचाओ का संदेश दिया जाएगा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चौहान ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था पर अपनी पकड़ खो दी है। रैली में केंद्र की गलत नीतियों के बारे में अवगत कराएंगे। यह भी बताया कि 2 अक्तूबर से पार्टी जोड़ो पहल की भी शुरुआत की जाएगी।

महाराष्ट्र में 17 महीने में 22,700 नवजात बच्चों की मौत
महाराष्ट्र में बीते 17 महीनों में 22,700 नवजात बच्चों की मौत हुई है। इनमें से 19,673 बच्चे मृत पैदा हुए थे। राज्य के परिवार कल्याण विभाग ने एक आरटीआई के जवाब में जनवरी 2021 से मई 2022 तक 6 माह से छोटे बच्चों की मौतों पर यह जानकारी दी। समाधान नामक एक एनजीओ के आरटीआई आवेदन पर जवाब में विभाग ने बताया कि मुंबई में सबसे ज्यादा 1,898 बच्चों की मौत हुई। इसके बाद नागपुर में 1,741, औरंगाबाद में 1,349, नाशिक में 1,127, पुणे में 1,181, अकोला में 1,049, नंदुरबार में 1,026 और ठाणे में 1,015 बच्चे मारे गए। सिंधुदुर्ग में 64, वाशिम में 89 और लातूर में 125 बच्चों की मौत हुई, जो राज्य में सबसे कम थी। 
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